कोच्चि (केरल), 20 जून केरल उच्च न्यायालय अधिवक्ता एसोसिएशन (केएचसीएए) ने शनिवार को मुख्य न्यायाधीश एस. मणिकुमार से अनुरोध किया कि वह 30 जून तक अदालत में उपस्थिति और सामान्य कामकाज पर रोक लगा दें क्योंकि हाल ही में अदालत आने वाले एक पुलिसकर्मी के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है।
पुलिसकर्मी के तीन दिन पहले संक्रमित होने की पुष्टि हुयी है।
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एसोसिएशन का कहा है कि अदालती कामकाज फिर से कब बहाल होगा, यह पुलिसकर्मी के प्रत्यक्ष संपर्क में आए लोगों की जांच करने के बाद ही तय हो।
उसने कहा, ‘‘ वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से मुकदमों की सुनवाई जारी रह सकती है...।’’
गौरतलब है कि कालामस्सेरी थाने का पुलिसकर्मी बुधवार को उच्च न्यायालय आया था।
उच्च न्यायालय में उसके संपर्क में आए लोगों के संबंध में प्राप्त सूचनाओं के आधार पर यह तय किया गया है कि महाधिवक्ता कार्यालय के कुछ कर्मचारी सहित अन्य लोग पृथक-वास में रहेंगे। उच्च न्यायालय के एक न्यायाधीश ने खुद ही पृथक-वास में जाने की बात की है।
मुख्य न्यायाधीश को लिखे पत्र में एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा है कि वैसे तो पुलिसकर्मी के संपर्क में और लोगों के आने की संभावना कम ही है, लेकिन हम शायद ही उक्त व्यक्ति के संपर्क में आए सभी लोगों का सही-सही पता लगा सकें।
उनका कहना है कि इसके अलावा पुलिसकर्मी के संपर्क में आए लोगों, जो पृथक-वास में गए हैं, के सीधे संपर्क में आए लोगों के बारे में भी कुछ नहीं कहा जा सकता है।
एसोसिएशन का कहना है कि ऐसे में अदालत कक्ष में लोगों की उपस्थिति खतरा बन सकती है। उसने मुख्य न्यायाधीश से अनुरोध किया है कि कक्ष में उपस्थिति पर 30 जून तक रोक लगायी जाए।
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