देश की खबरें | वकील यतिन ओझा ने अवमानना नोटिस का जवाब देने के लिए और वक्त देने का किया अनुरोध

अहमदाबाद, सात जुलाई वरिष्ठ वकील और गुजरात उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष यतिन ओझा ने अदालत को ‘जुए का अड्डा’ बताने पर उन्हें जारी किये गये अवमानना नोटिस का जवाब देने के लिए और समय देने का मंगलवार को अनुरोध किया।

न्यायमूर्ति सोनिया गोकानी और न्यायमूर्ति एन वी अंजारिया की पीठ ने एक सप्ताह का वक्त देने का ओझा का अनुरोध स्वीकार कर लिया और इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख 22 जुलाई तय की।

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गुजरात उच्च न्यायालय अदालत अवमानना नियमावली के नियम 16 (ए) के अनुसार सुनवाई की तारीख से एक सप्ताह पहले जवाब देना होता है।

यह दूसरी बार है कि ओझा की वकील कृति शाह ने जवाब देने के लिए समय देने का अनुरोध किया।

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ओझा द्वारा छह जून को ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन के दौरान बयान देने को लेकर उन्हें अदालत की अवमानना का नोटिस दिया गया था। इस संवाददाता सम्मेलन में ओझा ने अदालत को ‘ जुए का अड्डा’ बताया था और कहा था कि यह केवल उन वादियों की जरूरतों का ध्यान रखती है, जिनके पास साधन हैं और धनबल है। वह तस्करों और गद्दारों की भी जरूरतें पूरी करती है।

सोलह जून को उच्चतम न्यायालय ने अवमानना नोटिस पर ओझा की अर्जी पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया था।

अदालत ने नौ जून को अवमानना नोटिस जारी करते हुए कहा कि ओझा ने उच्च न्यायालय के प्रशासन के खिलाफ ‘‘भ्रष्टाचार और कदाचार के झूठे और अवमाननाकारी आरोप लगाए हैं।’’

अपने अंतरिम आदेश में अदालत ने ओझा को अवमानना नोटिस के संबंध में कोई अपमानजनक बयान देने, आधिकारिक बैठक करने खुद या किसी अन्य के द्वारा कोई प्रस्ताव पारित करने, कोई सामग्री वितरित करने आदि से रोक दिया है।

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