सीकर, नौ जून राजस्थान के सीकर जिले के खंडेला कस्बे में बृहस्पतिवार को सब डिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) कार्यालय के अंदर खुद को आग लगाने वाले वकील की जयपुर में उपचार के दौरान मौत हो गई। सुसाइड नोट में वकील ने यह कदम उठाने के लिये एसडीएम और एक पुलिस अधिकारी को जिम्मेदार बताया है।
पुलिस ने बताया कि सीकर के चिकित्सकों ने गंभीर रूप से झुलसे वकील को प्राथमिक उपचार के बाद जयपुर के सवाई मानसिंह चिकित्सालय में भेज दिया था, जहां अस्पताल की 'बर्न यूनिट' में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
खंडेला थानाधिकारी घासीराम मीणा ने बताया कि ‘‘आग में झुलसे वकील को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां स्थिति गंभीर होने के कारण उसे प्राथमिक उपचार के बाद जयपुर के सवाई मानसिंह चिकित्सालय रेफर कर दिया गया।’’
सवाई मानसिंह चिकित्सालय के एक चिकित्सक ने बृहस्पतिवार शाम को उपचार के दौरान वकील की मौत होने की पुष्टि की है।
वकील हंसराज मवालिया (40) के बैग से पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला है जिसमें उसने अपनी मौत के पीछे एसडीएम राकेश कुमार और खंडेला थानाधिकारी घासीराम मीणा के नाम का उल्लेख किया है।
वकील ने सुसाइड नोट में आरोप लगाया कि एसडीएम अदालत में हर सुनवाई के लिये उन्हें रिश्वत के लिये परेशान किया जा रहा था और पैसा नहीं देने पर नोटिस जारी किया जाता था।
नोट में वकील ने खंडेला थानाधिकारी पर एसडीएम के खिलाफ कुछ भी बोलने पर उन्हें धमकाने का भी आरोप लगाया हे।
सं कुंज
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