देश की खबरें | कानून प्रवर्तन एजेंसियां आतंकी कृत्यों को ‘धर्म के चश्मे’ से नहीं देखतीं : जम्मू-कश्मीर के डीजीपी

जम्मू, दो फरवरी जम्मू कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दिलबाग सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां आतंकी गतिविधियों को ‘‘धर्म के चश्मे’’ से नहीं देखती हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सिंह ने कहा कि सीमा पार से अपने आकाओं के इशारे पर जम्मू क्षेत्र में हाल में किए गए आतंकवादी हमलों का उद्देश्य आतंकवाद को पुनर्जीवित करना और केंद्र शासित प्रदेश में सांप्रदायिक सद्भाव और भाईचारे को नुकसान पहुंचाना था।

डीजीपी ने कहा, ‘‘हम देश के कानून के अनुसार काम करते हैं और धर्म के चश्मे से (आतंकवाद से संबंधित किसी भी घटना को) नहीं देखते हैं। एक आरोपी के साथ धर्म के आधार पर नहीं, बल्कि अपराध के आधार पर निपटा जाता है।’’

वह पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की उस कथित टिप्पणी से जुड़े सवाल का जवाब दे रहे थे, जिसमें पेशावर में एक मस्जिद में बम हमले के बाद मंत्री ने कहा था कि भारत में भी नमाज के दौरान नमाजी नहीं मारे गए।

डीजीपी ने कहा, ‘‘हमारी सरकार की नीति बहुत स्पष्ट है कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता और उनके (आतंकवादियों) खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। कुछ लोग स्थिति में हेरफेर करने और जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हमें यकीन है कि लोग बहुत कुछ सीख चुके हैं और गुमराह नहीं होंगे।’’

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