देश की खबरें | लवासा स्थित संपत्तियों को कोविड केंद्र में तब्दील किया जाएः गिरीश बापट
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पुणे, 30 जुलाई पुणे से भाजपा के लोकसभा सदस्य गिरीश बापट ने मांग की है कि यहां हिल सिटी लवासा में एक निजी अस्पताल समेत कुछ संपत्तियों को आसपास के मरीजों की सुविधा के लिए कोविड-19 अस्पताल में रूप में परिवर्तित किया जाए।
हालांकि इस मांग का लवासा के बाशिंदों ने विरोध किया है और उन्होंने पुणे के जिलाधिकारी को पत्र लिखकर अपनी चिंताएं प्रकट की है।
बापट ने पिछले सप्ताह पुणे के जिलाधिकारी को पत्र लिखकर कहा था कि मुलसी तहसील (जिसके अंतर्गत लवासा आता है) में कोविड-19 के मामले बढ़ रहे हैं और मरीजों को उपचार के लिए पुणे आना पड़ता है।
उन्होंने लिखा है, ‘‘ मरीजों को पुणे आने और यहां बिस्तर मिलने में कठिनाइयों से गुजरना पड़ता है। प्रशासन ने कई होटलों, अस्पतालों, विद्यालयों एवं महाविद्यालयों जैसी निजी संपत्तियों और प्रतिष्ठानों को नियंत्रण में ले लिया और उन्हें कोविड-19 उपचार केंद्र में तब्दील कर दिया है। इसी प्रकार लवासा में भी अतिरिक्त बेड वाली सुविधाएं सृजित की जा सकती है।’’
उन्होंने लिखा कि लवासा में अपोलो अस्पताल, होटलों और अन्य निजी संपत्तियां फिलहाल खाली हैं और उनका आसपास के गांवों के मरीजों के लिए कोविड-19 उपचार केंद्र के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
बृहस्पतिवार को भाजपा नेता ने संवाददाताओं से कहा कि वह पुणे में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के साथ भेंट के दौरान वह यह मुद्दा उठायेंगे।
इस बीच, लवासा के नागरिकों के एक संगठन ने इस मांग का विरोध किया और जिला प्रशासन को पत्र लिखा।
नागरिक, दुकानदार और अन्य सुविधा संचालकों की एसोसिएिशन की ओर से सुरेश गोस्वामी ने पत्र लिख कहा, ‘‘ दुर्भाग्य से लवासा में अपोलो अस्पताल, क्राइस्ट यूनिवर्सिटी, दासवे स्कूल और अन्य कुछ संपत्तियों को कोविड-19 आश्रय स्थल के रूप में तब्दील करने की कुछ राजनीतिक कोशिशें बिना यह सोचे की जा रही है कि लवासा एक हरित क्षेत्र है और यहां अबतक कोई संक्रमण सामने नहीं आया है।’’
गोस्वामी ने कहा कि यहां रहने वाली आबादी में सैंकड़ों वरिष्ठ नागरिक और हजारों बच्चे और ग्रामीण शामिल हैं जिन्हें संक्रमण का जोखिम हो सकता है।
उन्होंने जिलाधिकारी से इस मामले को गंभीरता से लेने और लवासा के नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
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