गोपेश्वर, 28 जून उत्तराखंड सरकार ने आखिर छह साल बाद बुधवार को उत्तराखंड रत्न सम्मान की धनराशि का चेक प्रसिद्ध चिपको आंदोलन नेत्री दिवंगत गौरा देवी के पुत्र को सौंप दिया ।
राज्य सरकार की ओर से 2016 में गौरा देवी समेत राज्य में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों को उत्तराखंड रत्न पुरस्कार दिया गया था, जिसके तहत हर व्यक्ति को प्रशस्ति पत्र के साथ पांच—पांच लाख रुपए की नकद धनराशि भी दी जानी थी ।
गौरा देवी की ओर से उनके पुत्र ने यह सम्मान ग्रहण किया था लेकिन उन्हें नकद धनराशि देने का वादा पिछले छह सालों से लटकता रहा ।
कुछ माह पूर्व स्थानीय जनप्रतिनिधियों की पहल पर यह प्रकरण मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समक्ष लाया गया जिनके हस्तक्षेप से बुधवार को जोशीमठ की उपजिलाधिकारी कुमकुम जोशी ने तहसील में बुलाकर उनके पुत्र चंद्र सिंह राणा को धनराशि का चैक सौंपा ।
पिछले तीन माह से लगातार मामले की पैरवी कर रहे गरपक गांव के प्रधान पुष्कर सिंह राणा ने बताया कि इस वर्ष गौरा देवी के परिवार से अनौपचारिक वार्ता के दौरान उन्हें पता चला कि अभी तक उक्त सम्मान की धनराशि उन्हें प्राप्त नही हुई और उसके बाद उन्होंने इसके लिए प्रयास किए ।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने 12 अप्रैल को दिवंगत पर्यावरणविद गौरा देवी के पुत्र को अपने कार्यालय में बुलाकार पुरस्कार राशि दिए जाने का आश्वासन दिया था ।
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