देश की खबरें | बंगाल में एकल उपयोग वाले प्लास्टिक के व्यवहार्य विकल्पों की तलाश वाली योजना का अभाव: विशेषज्ञ

कोलकाता, 20 जुलाई कोलकाता के पर्यावरणविदों ने कहा है कि पश्चिम बंगाल में एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक के व्यवहार्य विकल्प खोजने के लिए योजना की कमी है।

एकल उपयोग वाले प्लास्टिक पर एक जुलाई से प्रतिबंध लगा दिया गया है।

उन्होंने कहा कि उपयोगकर्ताओं को भी प्रतिबंध के बाद इस्तेमाल किए जाने वाले सही प्रकार के सामान रखने वाले थैले (कैरी बैग) के बारे में जानकारी नहीं है।

पर्यावरणविद एस. एम. घोष ने कहा कि कोलकाता के बाजार में 75 माइक्रोन प्लास्टिक कैरी बैग बिना सरकारी प्रमाणन के उपलब्ध हैं।

एक अन्य प्रमुख हरित योद्धा सुभाष दत्ता ने कहा, ‘‘कम लागत, अच्छी गुणवत्ता वाले वैकल्पिक उत्पादों जैसे कैरी बैग, प्लेट, चम्मच का पता लगाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों की आर एंड डी इकाइयों की स्थापना की प्रक्रिया तत्काल शुरू होनी चाहिए, जिन्हें बाद में एसएमई स्तर पर निर्मित किया जा सकता है।’’

दत्ता ने कहा कि प्रतिबंध को लागू करने में केंद्र और राज्य द्वारा दिखाई गई तत्परता सराहनीय है, लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि प्रतिबंधित एकल उपयोग प्लास्टिक के व्यवहार्य विकल्प खोजने की योजना का अभाव है। उन्होंने कहा कि कोई भी उपयुक्त विकल्प विक्रेताओं और खरीदारों दोनों के लिए महंगा होता है।

उन्होंने ‘पीटीआई-’ से कहा, ‘‘अब तक मैंने देखा है कि लोगों, राज्य तथा केंद्र दोनों सरकारों के रवैये में उल्लेखनीय बदलाव आया है। लेकिन प्रतिबंधित उत्पादों के कम लागत, व्यवहार्य और आसानी से उपलब्ध विकल्पों के उपयोग के संबंध में किसी भी दिशा के बारे में थोड़ा भ्रम है।’’

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