जरुरी जानकारी | श्रमिक संगठनों ने कामगारों को राहत पहुंचाने के मामले में राष्ट्रपति से की दखल देने की मांग
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. दस केंद्रीय श्रमिक संगठनों (ट्रेड यूनियनों) ने कोरोना वायरस महामारी से उत्पन्न व्यवधानों से प्रभावित कामगारों की स्थितियां बेहतर बनाने के लिये राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से केंद्र और संबंधित राज्य सरकारों को श्रमिकों के अनुकूल नीतियां अपनाने का निर्देश देने का आग्रह किया है।
नयी दिल्ली, 25 जुलाई दस केंद्रीय श्रमिक संगठनों (ट्रेड यूनियनों) ने कोरोना वायरस महामारी से उत्पन्न व्यवधानों से प्रभावित कामगारों की स्थितियां बेहतर बनाने के लिये राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से केंद्र और संबंधित राज्य सरकारों को श्रमिकों के अनुकूल नीतियां अपनाने का निर्देश देने का आग्रह किया है।
ट्रेड यूनियनों ने 24 जुलाई को लिखे एक पत्र में कहा कि भारत सरकार द्वारा अचानक और अनियोजित ढंग से राष्ट्रीय स्तर पर लॉकडाउन लगाये जाने से कामकाजी लोग प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रवासी कामगार सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।
दस ट्रेड यूनियनों ने राष्ट्रपति को सौंपे पत्र में कहा, "हम आपसे (भारत के राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद से) भारत सरकार के संवैधानिक प्रमुख होने के नाते केंद्र और राज्य सरकारों को कामगारों को राहत पहुंचाने का निर्देश देने का आग्रह करते हैं।"
पत्र लिखने वाले ट्रेड यूनियनों में इंटक, एटक, एचएमएस, सीटू, एआईयूटक, टीयूसीसी, सेवा, एआईसीसीटीयू, एलपीएफ और यूटक शामिल हैं।
ट्रेड यूनियनों ने लॉकडाउन के कारण जान गंवाने वाले श्रमिकों के आश्रितों को पर्याप्त मुआवजा देने के लिये केंद्र व राज्य सरकारों को निर्देश देने का भी आग्रह किया।
उन्होंने यह भी कहा है कि सरकार आयकर भुगतान की श्रेणी में नहीं आने वाले सभी लोगों को अगले छह माह के लिये मुफ्त राशन उपलब्ध कराने की व्यवस्था करे चाहे उनके पास राशन कार्ड है अथवा नहीं है सभी को मुफ्त राशन दिया जाना चाहिये।
ऐसा व्यक्ति जो आयकर नहीं देता है उसे अगले छह माह तक 7,500 रुपये प्रति माह दिया जाना चाहिये और 60 साल से ऊपर की आयु के सभी लोगों को रहन सहन की लागत से जुड़ी 3,000 रुपये मासिक पेंशन का भुगतान किया जाना चाहिये।
यूनियनों ने सभी श्रमिकों को कामगारों को स्मार्ट पहचान कार्ड देने की भी मांग की है। यह कार्ड उनके आधार कार्ड के साथ जुड़ा होना चाहिये और सभी सामाजिक सुरक्षा लाभों में यह उपयोगी होना चाहिये।
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