तिरुवनंतपुरम, 13 अप्रैल केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन ने नयी दिल्ली में ‘पाम संडे’ जुलूस की अनुमति न देने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह निर्णय पूरी तरह सुरक्षा आधार पर लिया गया था।
दिल्ली पुलिस ने कथित तौर पर ‘पाम संडे’ के दिन दिल्ली में सेंट मैरी चर्च से सेक्रेड हार्ट चर्च तक जुलूस की अनुमति देने से इनकार कर दिया।
इस कदम की केरल के मुख्यमंत्री और केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता सहित विभिन्न वर्गों में आलोचना हुई है।
कुरियन ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘दिल्ली में सुरक्षा बहुत कड़ी है और सुरक्षा कारणों के चलते अनुमति देने से इनकार किया गया है।’’
अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय राज्य मंत्री कुरियन ने दावा किया कि शनिवार को हनुमान जयंती शोभायात्रा को भी मंजूरी नहीं दी गई थी।
कुरियन ने कहा, ‘‘इस तरह के सभी जुलूसों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।’’
इससे पहले, मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने दिल्ली पुलिस के फैसले की निंदा करते हुए कहा, ‘‘सेंट मैरी चर्च से सेक्रेड हार्ट चर्च तक जुलूस के लिए अनुमति नहीं दी गई। यह धार्मिक स्वतंत्रता और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों की संवैधानिक गारंटी का उल्लंघन है।’’
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और माकपा नीत एलडीएफ पाम संडे का भी ‘‘राजनीतिकरण’’ कर रहे हैं।
केरल में विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने दिल्ली पुलिस के इस कदम को ‘‘अस्वीकार्य’’ करार देते हुए इसे ‘‘अलोकतांत्रिक और धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला’’ बताया।
उन्होंने दावा किया, ‘‘ऐसे समय में जब (राष्ट्रीय स्वयंसेवक) संघ परिवार के समूहों द्वारा ईसाइयों और गिरजाघरों के खिलाफ हमले जारी हैं, राष्ट्रीय राजधानी में एक ईसाई अनुष्ठान पर प्रतिबंध लगा दिया गया है - कथित तौर पर केंद्र सरकार के निर्देश पर।’’
वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला ने दावा किया कि यह घटना ‘‘एक बार फिर भाजपा के अल्पसंख्यक विरोधी एजेंडे को उजागर करती है।’’
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