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खेल की खबरें | कुलदीप को लॉर्ड्स और मैनचेस्टर में खेलना चाहिए था: सौरव गांगुली

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Sports at LatestLY हिन्दी. पूर्व कप्तान सौरव गांगुली का मानना है कि कुलदीप यादव को लॉर्ड्स और मैनचेस्टर में नहीं खिलाकर भारत बड़े मौके से चूक गया क्योंकि टेस्ट मैच के आखिरी दो दिन यह स्पिनर अहम भूमिका निभा सकता था।

खेल की खबरें | कुलदीप को लॉर्ड्स और मैनचेस्टर में खेलना चाहिए था: सौरव गांगुली

कोलकाता, 31 जुलाई पूर्व कप्तान सौरव गांगुली का मानना है कि कुलदीप यादव को लॉर्ड्स और मैनचेस्टर में नहीं खिलाकर भारत बड़े मौके से चूक गया क्योंकि टेस्ट मैच के आखिरी दो दिन यह स्पिनर अहम भूमिका निभा सकता था।

बाएं हाथ के कलाई के स्पिनर कुलदीप को इंग्लैंड के खिलाफ चल रही पांच मैच की टेस्ट श्रृंखला में एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला।

गांगुली ने बृहस्पतिवार को यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘काश कुलदीप मैनचेस्टर में, लॉर्ड्स में और बर्मिंघम में भी खेलते क्योंकि बेहतरीन स्पिन गेंदबाजी के बिना टेस्ट के चौथे और पांचवें दिन टीमों को आउट करना मुश्किल होता।’’

गांगुली ने मैनचेस्टर में हुए चौथे टेस्ट का उदाहरण दिया जहां भारत के निचले मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने इंग्लैंड के गेंदबाजों को निराश किया और पांचवें दिन की पिच पर 143 ओवर खेलकर मैच ड्रॉ करा दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘आपने देखा कि इंग्लैंड के साथ क्या हुआ जब भारत ने एक ऐसी पिच पर बल्लेबाजी की जो थोड़ी टूट चुकी थी और थोड़ा टर्न भी मिल रहा था लेकिन एक भी अच्छा स्पिनर नहीं था इसलिए इंग्लैंड 20 विकेट नहीं ले सका।’’

गांगुली ने कहा, ‘‘अतीत में महान टीमों के पास बेहतरीन स्पिनर होते थे, चाहे वह शेन वॉर्न हों, मुरलीधरन हों, इंग्लैंड के ग्रीम स्वान हों, मोंटी पनेसर हों, भारत के अनिल कुंबले हों, हरभजन सिंह हों या रविचंद्रन अश्विन हों। इसलिए मुझे लगता है कि कुलदीप ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्हें भारत भविष्य में खिलाने पर विचार करता रहेगा।’’

गांगुली का हालांकि मानना है कि भारत का पांचवें टेस्ट के लिए कुलदीप को बाहर रखना ठीक है क्योंकि विकेट से तेज गेंदबाजों को अधिक मदद मिल सकती है। उन्होंने यह भी विश्वास जताया कि भारत अंतिम मैच जीतकर इस रोमांचक श्रृंखला को बराबर कर देगा।

उन्होंने कहा, ‘‘इंग्लैंड चार तेज गेंदबाजों के साथ खेल रहा है और कोई स्पिनर नहीं उतारा है। हो सकता है कि उन्होंने सामान्य की तुलना में पिच पर थोड़ी अधिक घास छोड़ दी हो और इसीलिए भारत ने तीसरा स्पिनर नहीं उतारा क्योंकि उनके पास रविंद्र जडेजा और वाशिंगटन सुंदर हैं।’’

गांगुली ने प्रशंसकों से अंशुल कंबोज के बारे में सिर्फ एक मैच के बाद कोई राय नहीं बनाने की भी अपील की और तेज गेंदबाज मुकेश कुमार की अनुपस्थिति पर हैरानी जताई। कंबोज का मैनचेस्टर में पदार्पण बेहद निराशाजनक रहा था जब उन्हें चोटिल आकाश दीप की जगह टीम में शामिल किया गया। उन्होंने 89 रन देकर सिर्फ एक विकेट चटकाया।

गांगुली ने ओवल में भारतीय कोच गौतम गंभीर और सरे के क्यूरेटर ली फोर्टिस के बीच पिच को लेकर हुए विवाद को भी अधिक तूल नहीं दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि गंभीर क्यों नाराज थे। मुझे यकीन है कि सभी कोच और कप्तान मैदानकर्मी से बात करते हैं - कभी खुशी से, कभी नाखुशी से। मेरे समय में भी ऐसा हुआ है, भविष्य में भी ऐसा होगा। इसलिए इसे अधिक तूल नहीं दें। मैं कामना करता हूं कि भारत अच्छा खेले, टेस्ट जीते और श्रृंखला बराबर करे।’’

गंभीर और बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ओवल की पिच का निरीक्षण कर रहे थे तभी फोर्टिस ने कथित तौर पर एक संदेशवाहक के जरिए उन्हें पिच से ढाई मीटर दूर रहने को कहा जो भारतीय मुख्य कोच को रास नहीं आया।

लॉर्ड्स टेस्ट में भारत जीत के बेहद करीब पहुंच गया था लेकिन चौथी पारी में 193 रन का मामूली लक्ष्य हासिल नहीं कर पाया और टीम 22 रन की शिकस्त के साथ श्रृंखला में 1-2 से पिछड़ गई।

इसके बाद लोकेश राहुल (90) के साहसिक प्रयास और कप्तान शुभमन गिल (103), वाशिंगटन सुंदर (नाबाद 101) और रजडेजा (नाबाद 107) के क्रमशः चौथे, पांचवें और छठे नंबर पर शतक की बदौलत भारत 143 ओवर तक टिक रहा और मैनचेस्टर टेस्ट ड्रॉ कराकर श्रृंखला में अपनी उम्मीदें बरकरार रखी।

गांगुली ने कहा, ‘‘भारत को लॉर्ड्स टेस्ट जीतना चाहिए था। भारत मैनचेस्टर में काफी अच्छा खेला और यह देखकर और भी दुख होता है कि उन्होंने पांचवें दिन लगभग 400 रन बनाए और लॉर्ड्स टेस्ट जीतने के लिए 190 रन का पीछा नहीं कर पाए। अगर वे अच्छी गेंदबाजी करते हैं तो मुझे यकीन है कि वे ओवल में जीतेंगे।’’

गांगुली ने भारतीय बल्लेबाजी क्रम की जमकर तारीफ की जिसने अब तक चार टेस्ट में 11 शतक लगाए हैं। गिल ने चार, ऋषभ पंत और राहुल ने दो-दो और जडेजा, वाशिंगटन सुंदर और यशस्वी जायसवाल ने एक-एक शतक लगाया है।

रोहित शर्मा के संन्यास के बाद टेस्ट कप्तानी संभालने वाले गिल के नेतृत्व की भी गांगुली ने सराहना की। टीम विराट कोहली और अश्विन के भी संन्यास लेने के बाद बदलाव के दौर से गुजर रही है।

गांगुली ने कहा, ‘‘गिल शानदार रहे हैं और यह दर्शाता है कि अगर आप जिम्मेदारी देते हैं तो लोग अच्छा प्रदर्शन करते हैं। उन्होंने इस श्रृंखला में शानदार बल्लेबाजी की है। मुझे यह देखकर बहुत गर्व होता है कि इतने सारे बेहतरीन खिलाड़ी हैं।’’

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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 31, 2025 08:38 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).