जरुरी जानकारी | कोविड-19 का बड़ा तात्कालिक प्रभाव रोजार पर , दीर्धकाल में नरमी, असमानता बढ़ सकती है: सर्वे

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. कोरोना वायरस संकट का तात्कालिक गंभीर प्रभाव रोजगार बेरोजगारी है पर दीर्घकाल में इससे आर्थिक वृद्धि में गिरावट और समानता में वृद्धि का खतारा है। इंडियन सोसाइटी ऑफ लेबर इकोनॉमिक्स (आईएसएलई) के एक सर्वे में यह कहा गया है।

नयी दिल्ली, 11 जून कोरोना वायरस संकट का तात्कालिक गंभीर प्रभाव रोजगार बेरोजगारी है पर दीर्घकाल में इससे आर्थिक वृद्धि में गिरावट और समानता में वृद्धि का खतारा है। इंडियन सोसाइटी ऑफ लेबर इकोनॉमिक्स (आईएसएलई) के एक सर्वे में यह कहा गया है।

आईएसएलई के 520 सदस्यों के बीच मई के अंतिम सप्ताह में ऑनलाइन सर्वे के आधार पर उक्त निष्कर्ष निकाला गया।

यह भी पढ़े | Lottery Results Today on Lottery Sambad: पश्चिम बंगाल, केरल, सिक्किम और नागालैंड के सांबद लॉटरी के रिजल्ट lotterysambadresult.in पर करें चेक.

सर्वे के अनुसार प्रारंभिक परिणाम बताते हैं कि संकट का सर्वाधिक गंभीर प्रभाव जो तुरंत महसूस किया गया, वह है लोगों की नौकरियां जाना। वहीं आर्थिक वृद्धि में कमी और असमानता में बढ़ोतरी संभवत: दीर्घकालीन प्रभाव है।

इसमें सुझाव देते हुए कहा गया है कि सरकार की तत्काल नीतिगत प्राथमिकता कर्मचारियों और उनके परिजनों का संरक्षण, छोटी अवधि के लिये रोजगार सृजन तथा प्रभावित कामगारों के खातों में आय का अंतरण होनी चाहिए।

यह भी पढ़े | 7th Pay Commission: फैमिली पेंशन पाने का यह है नियम, जान लेंगे तो होगा फायदा.

अल्पकालीन नीतिगत जरूरत एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मणेले उद्यमों) की मदद, रोजगजार सृजन, नकद अंतरण और सामाजिक सुरक्षा होनी चाहिए जबकि दीर्घकालीन उपायों में एक मजबूत सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था तैयार करना, सामाजिक सुरक्षा के दायरे में सभी को लाना तथा प्रवासी मजदूरों के कल्याण एवं अधिकारों के लिये नीतियों का क्रियान्वयन है।

भारत में श्रम और रोजगार पर कोविड-19 संकट का असर: प्रभाव, रणनीति और दृष्टिकोण विषय पर 8-9 जून को इंटरनेट के जरिये आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में सर्व पर चर्चा की गयी।

सम्मेलन का आयोजन इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन डेवलपमेंट (आईएचडी), अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) और आईएसएलई ने किये।

सम्मेलन के दौरान आईएचडी के निदेशक ए एन शर्मा ने कहा, ‘‘अन्य देशों से जो सीख मिली है, वह बताती है कि कोविड-19 के कारण भारत में जिन लोगों की आजीविका और रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है, उसके प्रभावी समाधान के लिये नकद अंतरण और छोटे उद्यमों को वेतन सब्सिडी समेत श्रम बाजार से जुड़ी नीतियां अपनायी जा सकती है।’’

आईएलओ के निदेशक डी वाल्टर ने कहा कि सभी के लिये काम को प्राथमिकता दिये जाने और बेहतर परिणाम के लिये खामियों को दूर करने की जरूरत है।

सम्मेलन में कहा गया है कि कुल जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) में करीब 25 प्रतिशत की गिरावट आएगी जबकि औद्योगिक क्षेत्र (खासकर एमएसएमई) काफी प्रभावित हुए हैं और इनमें 54 प्रतिशत की गिरावट आने की आशंका है।

रोजगार जाने के बारे में अनुमान में कहा गया है कि शहरी क्षेत्र में 80 प्रतिशत नौकरियां प्रभावित हुई हैं। इनमें से ज्यादातर स्व-रोजगार वाले थे। वहीं ग्रामीण अर्थव्यवस्था में 54 प्रतिशत नौकरियां प्रभावित हुईं। इनमें से ज्यादातर ठेके पर काम करने वाले थे।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

T20 World Cup 2026 Semi Final Schedule: वेस्टइंडीज को हराकर सेमीफाइनल में भारत, 5 मार्च को वानखेड़े में इंग्लैंड से भिड़ंत; यहां देखें पूरा शेड्यूल

India vs West Indies, 52nd Match Scorecard: रोमांचक मुकाबले में वेस्टइंडीज ने टीम इंडिया को 5 विकेट से हराकर सेमीफाइनल में बनाई जगह, संजू सैमसन ने खेली धमाकेदार पारी; यहां देखें IND बनाम WI मैच का स्कोरकार्ड

Australia Women vs India Women, 3rd ODI Match Video Highlights: होबार्ट में ऑस्ट्रेलिया ने टीम इंडिया को 185 रनों से रौंदा, सीरीज में 3-0 से किया क्लीन स्वीप; यहां देखें AUS W बनाम IND W मैच का वीडियो हाइलाइट्स

India vs West Indies, 52nd Match Scorecard: कोलकाता में वेस्टइंडीज ने टीम इंडिया के सामने रखा 196 रनों का टारगेट, रोवमैन पॉवेल और जेसन होल्डर ने खेली धमाकेदार पारी; यहां देखें पहली पारी का स्कोरकार्ड

\