देश की खबरें | उत्तर प्रदेश में कोविड-19 से 82 और लोगों की मौत
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

लखनऊ, 26 अगस्त उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान कोविड-19 संक्रमित 82 और लोगों की मौत हो गई तथा संक्रमण के 5898 नए मामले सामने आए।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने बुधवार को यहां बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में संक्रमित 82 और लोगों की मौत हो गई। प्रदेश में अब तक इस वायरस से 3141 लोगों की मौत हो चुकी है।

यह भी पढ़े | Former India Athlete Iqbal Singh Kills Mother and Wife in US: पूर्व भारतीय एथलीट इकबाल सिंह ने अमेरिका में की पत्नी और मां की हत्या, पुलिस ने किया गिरफ्तार.

उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में कोविड-19 के 5898 नए मरीजों का पता लगा है। प्रदेश में इस वक्त कुल 51317 मरीजों का इलाज किया जा रहा है। संक्रमित होने के बाद पूरी तरह ठीक हो चुके लोगों की संख्या अब बढ़कर 148562 हो गई है।

प्रसाद ने बताया कि प्रदेश में मंगलवार को जांच का एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया गया। मंगलवार को राज्य में 144802 नमूनों की जांच की गई। राज्य में अब तक 4941679 नमूनों की जांच की जा चुकी है।

यह भी पढ़े | नोएडा के सेक्टर 63 में खिलौना बनाने वाली एक फैक्ट्री में लगी आग: 26 अगस्त 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

उन्होंने बताया कि प्रदेश में इस वक्त उपचाराधीन 51317 में से 25279 संक्रमित व्यक्ति घरों में पृथकवास में हैं। अब तक 83575 व्यक्तियों ने घरों में पृथकवास के विकल्प को चुना है जिनमें से 58296 लोगों की घरों में पृथकवास की अवधि पूरी हो चुकी है।

प्रसाद ने बताया कि विगत में ट्रेन और हवाई जहाज से सात दिनों से ज्यादा समय के लिए प्रदेश में आने वाले लोगों को 14 दिन के पृथकवास जबकि विदेश से आने वाले लोगों को सात दिन के संस्थागत पृथकवास और फिर इतने ही समय तक घरों में पृथकवास में रहना होता था। अब केंद्र सरकार ने इन दिशानिर्देशों में कुछ बदलाव किया है जिसके अनुरूप प्रदेश में शासनादेश जारी कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि अब जो लोग विदेश से आएंगे, वे पूरे 14 दिन अपने घर में ही पृथकवास में रह सकते हैं।

प्रसाद ने बताया कि हालांकि इस छूट में कुछ शर्ते होंगी। जैसे गर्भवती महिलाओं के साथ-साथ, अगर किसी के घर में कोई मृत्यु हुई है और वह इसी के लिए विदेश से आ रहा है तो उसे भी यह छूट दी जा सकती है। इसी तरह अगर कोई व्यक्ति गंभीर बीमारी से ग्रस्त है या कोई ऐसा व्यक्ति विदेश से लौटा है जो 10 साल से छोटे बच्चों का अभिभावक है तो उसे भी यह छूट दी जा सकती है।

उन्होंने बताया कि इसके अलावा अगर विदेश से आ रहे किसी व्यक्ति ने अपनी यात्रा शुरू करने से पहले 96 घंटे की अवधि में अपना आरटीपीसीआर टेस्ट कराया है और वह नेगेटिव आया है तो उस प्रमाण पत्र पर भी उसे संस्थागत पृथकवास से छूट दी जा सकती है।

प्रसाद ने बताया कि अब अगर कोई व्यक्ति किसी सरकारी काम, व्यावसायिक कार्य या किसी अन्य काम से प्रदेश से बाहर जाता है और पांच दिन के भीतर वापस लौटता है और उसमें कोविड-19 संक्रमण के कोई लक्षण नहीं है तो उसे किसी भी तरह के पृथकवास में जाने की जरूरत नहीं होगी।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)