नयी दिल्ली, 18 जून प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत कोविड-19 से उत्पन्न संकट की स्थिति में बैठकर हाय तौबा मचाने की बजाय इसे आत्मनिर्भर बनने के एक अवसर के रूप में देखता है।
वाणिज्यिक कोयला खनन के उद्घाटन के अवसर पर अपने विचार रखते हुए मोदी ने कहा कि भारत कोरोना वायरस से लड़कर विजयी होगा।
उन्होंने कहा, “भारत इसे कोई बड़ी आपदा के रूप में देखकर बैठकर हाय तौबा मचाने के पक्ष में नहीं है। यह कितनी भी बड़ी आपदा हो, भारत इसे एक अवसर के रूप में बदलने के लिए प्रतिबद्ध है।”
उन्होंने कहा, “भारत कोरोना वायरस से लड़कर विजयी होगा।”
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उन्होंने कहा कि महामारी ने भारत को आत्मनिर्भर बनने का एक अवसर प्रदान किया है।
उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर बनने का अर्थ है आयात में कटौती कर विदेशी मुद्रा का गरीबों के कल्याण के लिए प्रयोग करना।
उन्होंने कहा कि इसका अर्थ यह भी है कि हम घरेलू संसाधनों का उपयोग करें और आयात की बजाय ‘मेक इन इण्डिया’ को बढ़ावा दें।
बृहस्पतिवार को उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि वाणिज्यिक खनन के लिए कोयले की खदानों की पहली नीलामी देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उठाया गया बड़ा कदम है।
उन्होंने कहा, “भारत कोविड-19 के इस संकट को अवसर में बदल देगा। इसने भारत को आत्मनिर्भर होना सिखाया है… आयात पर निर्भरता कम करना सिखाया है।”
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