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कोविड-19 : लॉकडाउन से स्थिति कुछ संभल गई वरना हालात और बदतर होते : विशेषज्ञ

कोरोना वायरस के प्रसार की रोकथाम के मद्देनजर मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशव्यापी लॉकडाउन को 19 दिन का विस्तार देते हुए इसे तीन मई तक बढ़ाने की घोषणा की। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, देश में पिछले 24 घंटे में कोविड-19 से 31 लोगों की मौत हो गई जबकि संक्रमण के 1,211 नए मामले सामने आए।

कोविड-19 : लॉकडाउन से स्थिति कुछ संभल गई वरना हालात और बदतर होते : विशेषज्ञ
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नयी दिल्ली, 14 अप्रैल पहले दौर के 21 दिनों के लॉकडाउन के दौरान कोविड-19 के मरीजों में करीब 10,000 का उछाल देखने को मिला जबकि 320 की मौत हुई। वहीं, लॉकडाउन की सफलता को लेकर बहस के बीच चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि अगर देश में इतने बडे़ स्तर पर लॉकडाउन लागू नहीं किया जाता तो हालात इससे कहीं ज्यादा बदतर हो सकते थे।

कोरोना वायरस के प्रसार की रोकथाम के मद्देनजर मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशव्यापी लॉकडाउन को 19 दिन का विस्तार देते हुए इसे तीन मई तक बढ़ाने की घोषणा की। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, देश में पिछले 24 घंटे में कोविड-19 से 31 लोगों की मौत हो गई जबकि संक्रमण के 1,211 नए मामले सामने आए।

24 मार्च को जब पहले चरण के 21 दिन के लॉकडाउन की प्रधानमंत्री ने घोषणा की थी, उस समय देशभर में कोविड-19 के 520 पुष्ट मामले थे और 11 लोगों की मौत हो चुकी थी। लॉकडाउन के लागू होने के एक सप्ताह बाद संक्रमण के मामले बढ़कर 1,397 तक पहुंच गए जबकि मरने वालों की संख्या 35 तक चली गई।

लॉकडाउन के तीसरे और आखिरी हफ्ते में संक्रमण के मामलों में 5,574 का उछाल आया और 215 की मौत हुई।

वर्तमान में कोरोना वायरस संक्रमण से मृतकों की संख्या 324 पहुंचने के साथ ही संक्रमितों की संख्या 9,352 हो गई।

हालांकि, 21 दिन के लॉकडाउन के प्रभाव की सफलता का पता लगाने के लिए एक व्यापक अध्ययन की जरूरत है लेकिन देश के चिकित्सा विशेषज्ञ कहते हैं कि यह बेहद जरूरी था और अगर ऐसा कदम नहीं उठाया जाता तो भारत के हालात और ज्यादा खराब हो सकते थे।

सर गंगा राम अस्पताल में फेफड़ों के विख्यात सर्जन अरविंद कुमार ने पीटीआई- से कहा, '' मुझे लगता है कि यह (पहला लॉकडाउन) एक साहसिक कदम था और हालात की मांग थी। हमारे यहां इटली, अमेरिका अथवा अन्य यूरोपिय देशों की तुलना में जल्दी लॉकडाउन लागू किया गया और आप उन देशों में संक्रमितों की संख्या देख सकते हैं और हमारे यहां से तुलना कर सकते हैं।''

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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 14, 2020 09:57 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).