देश की खबरें | कोविड-19: जांच उपकरण बेचने वाली तीन कंपनियों के लाइसेंस रद्द, 16 कंपनियों के लाइसेंस निलंबित
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 25 जुलाई भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) ने त्वरित जांच उपकरण बेचने वाली तीन कंपनियों का लाइसेंस रद्द कर दिया है और 16 अन्य कंपनियों का लाइसेंस निलंबित कर दिया है।

डीसीजीआई का कहना है कि अमेरिकी खाद्य एवं दवा प्रसाधन (यूएसएफडीए) ने इन कंपनियों को अपनी कोरोना वायरस सीरो जांच की सूची से निकाल दिया है और निर्देश दिया है इनका वितरण न किया जाए।

यह भी पढ़े | सीआरपीएफ के उप निरीक्षक ने अपने वरिष्ठ की हत्या करने के बाद की खुदकुशी.

कैडिला हेल्थकेयर, एमडीएएसी इंटरनेशनल और एन डब्ल्यू ओवरसीज का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है और ट्रांस एशिया बायो मेडिकल्स, कॉस्मेटिक साइंटिफिक, इन बायोस इंडिया, एस डी बायो सेंसर, एक्यूरेक्स बायो मेडिकल समेत 16 कंपनियों का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है।

डीसीजीआई द्वारा एक आदेश में कहा गया कि इन कंपनियों को 17 जुलाई को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा गया कि यूएसएफडीए द्वारा इन कंपनियों के जांच उपकरणों को सूची से हटाए जाने के बाद इनका लाइसेंस क्यों न रद्द किया जाए।

यह भी पढ़े | महाराष्ट्र: सीएम उद्धव ठाकरे ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए डोंबिवली में कोविड-19 केयर सेंटर और टेस्टिंग लैब का किया उद्घाटन: 25 जुलाई 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

कंपनियों को 20 जुलाई तक रिपोर्ट सौंपनी थी।

डीसीजीआई द्वारा 21 जुलाई को सोलह कंपनियों को दिए आदेश में कहा गया, “यूएसएफडीए ने अपनी सूची से उक्त जांच उपकरण को क्यों हटाया इसके विषय में भेजे गए कारण बताओ नोटिस पर आपकी प्रतिक्रिया संतोषजनक नहीं है।”

आदेश में कहा गया, “हालांकि अपने उत्पाद के बारे में अपने कहा है कि आयात लाइसेंस रद्द न किया जाए। इसलिए जनहित में आपका लाइसेंस अगले आदेश तक निलंबित किया जाता है।”

जिन कंपनियों के लाइसेंस रद्द किए गए उनको दिए आदेश में कहा गया, “यूएसएफडीए ने अपनी सूची से उक्त जांच उपकरण क्यों हटाया और उसके वितरण पर पाबंदी क्यों लगाई इसके विषय में भेजे गए कारण बताओ नोटिस पर आपकी प्रतिक्रिया संतोषजनक नहीं है।”

आदेश में कहा गया, “आपने कहा है कि आप अपने उत्पाद का लाइसेंस सरेंडर करना चाहते हैं। इसलिए जनहित में उक्त उत्पाद का आपका आयात लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाता है।”

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)