विदेश की खबरें | कोविड-19 अस्थायी समस्या है, अकादमिक अनिश्चितता से घबराएं नहीं: अमेरिका में भारत के राजदूत

वाशिंगटन, 20 अगस्त अमेरिका में भारत के राजदूत तरनजीत सिंह संधू ने यहां भारतीय छात्रों को संबोधित करते हुए आग्रह किया कि अकादमिक सत्रों की अनिश्चितता को लेकर परेशान न हों क्योंकि कोविड-19 महामारी एक अस्थायी संकट है।

संधू ने डिजिटल माध्यम से 50 से अधिक छात्रों को संबोधित किया और कहा कि परेशान होने की बजाय उन्हें इस प्रकार की अप्रत्याशित स्थिति से और ज्यादा कड़ी मेहनत करने की प्रेरणा लेनी चाहिए और आत्मनिर्भर, आधुनिक, संपन्न तथा खुशहाल भारत बनाने में अपना योगदान देना चाहिए।

यह भी पढ़े | US Presidential Election 2020: बराक ओबामा ने अच्छा काम नहीं किया था, इसलिए मैं राष्ट्रपति बना.

संधू ने कहा, “भारत और अमेरिका में अकादमिक सत्र के प्रति अनिश्चितता और शिक्षण के नए तौर तरीके भारी भरकम लग सकते हैं। लेकिन पुरानी कहावत याद रखें कि कठिन समय ज्यादा दिनों तक नहीं रहता लेकिन लोग रह जाते हैं।”

उन्होंने कहा कि यह चुनौतियां अस्थायी हैं और इनसे डर कर सपनों को सच करने के प्रयास नहीं छोड़ने चाहिए।

यह भी पढ़े | Corona Pandemic: कोविड-19 से मुकाबले के लिए अमेरिका ने भारत को दिए सौ और वेंटिलेटर.

संधू ने कहा, “हमें इस अप्रत्याशित समय से अधिक परिश्रम करने की प्रेरणा लेनी चाहिए और आत्मनिर्भर, आधुनिक, सम्पन्न और खुशहाल भारत के निर्माण में योगदान देना चाहिए। हमारे पास सैकड़ों चुनौतियों का समाधान निकालने की क्षमता है। महामारी से मुकाबला करने में हमारे देश की दृढ़ता से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए।”

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)