जरुरी जानकारी | कोविड-19: सरकार ने कुछ भारतीय लेखा मानकों में संशोधन किए

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप के बीच सरकार ने कुछ भारतीय लेखा मानकों में संशोधन किए हैं, जिसमें पट्टों से संबंधित मानक शामिल हैं।

नयी दिल्ली, 26 जुलाई कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप के बीच सरकार ने कुछ भारतीय लेखा मानकों में संशोधन किए हैं, जिसमें पट्टों से संबंधित मानक शामिल हैं।

कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने इंड-एएस 103, 116 और कुछ अन्य मानकों में संशोधन किया है।

यह भी पढ़े | कोरोना की चपेट में उत्तर प्रदेश, ठीक होने वाले पीड़ितों के डिस्चार्ज को लेकर सरकार की तरफ से जारी हुई नही घोषणा.

इंड-एएस 103 कारोबारी संयोजनों से संबंधित है, जबकि इंड-एएस 116 पट्टों की मान्यता, प्रस्तुति और खुलासे से संबंधित है।

महामारी के मद्देनजर, कई भवन मालिकों ने पट्टेदारों को किराये में रियायत दी हैं। हालांकि, पट्टा भुगतान में बदलाव के लिए इंड-एएस 116 की आवश्यकता से मौजूदा स्थिति में व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

यह भी पढ़े | 7th Pay Commission: सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, मोदी सरकार ने नाइट ड्यूटी अलाउंस के नियमों में किया बदलाव.

ऐसे हालात में मंत्रालय ने उन नियमों में संशोधन किया है, जिससे संस्थाओं को कोविड-19 से संबंधित किराया राहत के कारण लीज संशोधन खाते से राहत मिलेगी।

शीर्ष सलाहकार ईवाई इंडिया के पार्टनर और वित्तीय लेखा सलाहकार सेवा के पदाधिकारी संदीप खेतान ने कहा कि संशोधन का भारतीय कंपनियों को बेसब्री से काफी इंतजार था, जो अपने तिमाही नतीजें जारी करने वाली थीं।

उन्होंने कहा कि पट्टे में संसोधन के कारण पट्टा देनदारी की फिर गणना करने की जरूरत है। इससे उन कंपनियों के लिए चुनौतियां बढ़ गई थीं, जिनके पट्टों की मात्रा बहुत अधिक है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\