इंदौर (मध्य प्रदेश), 28 अगस्त कोविड-19 के प्रकोप के चलते शैक्षणिक संस्थान बंद होने के बावजूद निजी विद्यालयों के प्रबंधन द्वारा विद्यार्थियों से मोटी फीस वसूली के लिए कथित तौर पर अनुचित दबाव बनाए जाने से परेशान महिला अभिभावकों ने शुक्रवार को अनोखा कदम उठाया। उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का सड़क पर दौड़ता काफिला रुकवा दिया।
इस घटना के वायरल वीडियो में स्कीम नम्बर 140 क्षेत्र में छह महिला अभिभावक पुलिसकर्मियों के दूर हटने के सख्त निर्देशों की अनसुनी करते हुए चौहान के काफिले को रोकते दिखायी देती हैं।
चौहान की गाड़ी रुकने पर इनमें शामिल एक महिला ने मुख्यमंत्री के आगे हाथ जोड़कर निवेदन किया कि वह कोरोना वायरस के जारी संक्रमण काल में निजी विद्यालयों के प्रबंधन द्वारा विद्यार्थियों से मोटी फीस वसूली का मसला जल्द से जल्द सुलझायें।
शोर-गुल के बीच महिला अभिभावक निजी क्षेत्र के स्कूल प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए सुनायी पड़ रही है, "(फीस वसूली के लिए) हमें स्कूल की ओर से धमकियां दी जा रही हैं।"
महिलाओं की बात सुनने के बाद मुख्यमंत्री उन्हें आश्ववस्त करते दिखायी देते हैं कि वह इस मामले में उचित कदम उठायेंगे।
गौरतलब है कि कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण शहर के स्कूल पिछले पांच महीने से बंद हैं और विद्यार्थियों को ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से पढ़ाया जा रहा है। अभिभावकों का आरोप है कि निजी स्कूलों का प्रबंधन इस मुश्किल दौर में भी मोटी फीस चुकाने के लिए उन पर अनुचित दबाव बना रहा है।
इस बीच, अपने एक दिवसीय दौरे में चौहान शहर में अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल हुए। इनमें 237 करोड़ रुपये की लागत से बने सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का लोकार्पण, जिले के सांवेर क्षेत्र में 150 करोड़ रुपये से ज्यादा लागत वाले विकास कार्यों का भूमिपूजन और गीले कचरे के प्रसंस्करण से बायो-सीएनजी बनाने के संयंत्र की नींव रखे जाने का कार्यक्रम शामिल हैं।
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