कोविड-19 महामारी की उत्पत्ति शायद वन्यजीवों से हुई है: वैज्ञानिक

लॉस एंजिलिस, 23 अप्रैल वैज्ञानिकों का कहना है कि वर्तमान में जारी कोविड-19 महामारी के लिए जिम्मेदार कोरोना वायरस की उत्पत्ति शायद वन्यजीवों से हुई है और फिर यह उन जानवरों के जरिये लोगों तक फैल गया।

अमेरिका में ‘यूनिवर्सिटी ऑफ सदर्न कैलिफोर्निया’ के शोधकर्ताओं का कहना है कि पिछले एक दशक में उभरी कोविड-19 महामारी और अन्य प्रकोप वन्यजीवों से जुड़े हैं।

यूनिवर्सिटी की एक प्रोफेसर पाउला कैनन ने कहा, ‘‘इंसानों की बीमारी बढ़ रही है क्योंकि हम जंगली क्षेत्रों में जाते हैं और जंगली जानवरों को पकड़ते हैं।’’

कैनन ने एक बयान में कहा, ‘‘हमने ऐसी परिस्थितियां बनाईं, जहां यह केवल समय का मामला होता है जब इस तरह की कोई चीज हो जाती है।’’

वैज्ञानिक पूरे यकीन के साथ नहीं कह सकते कि यह नवीनतम प्रकोप कैसे शुरू हुआ और फैल गया, लेकिन उनका मानना ​​है कि कोरोना वायरस शायद चमगादड़ों से उत्पन्न हुआ है।

कैनन ने कहा कि इस परिकल्पना के लिए मजबूत सबूत हैं और यह वर्तमान में सबसे अच्छा स्पष्टीकरण है।

उन्होंने चीन के वुहान में एक बाजार को प्रकोप के लिए केंद्र के रूप में इंगित किया, जहां वायरस शायद सबसे पहले मनुष्यों को संक्रमित किया और फिर दुनिया भर में फैल गया।

शोधकर्ताओं ने कहा कि बाजार को एक सीफुड मार्केट के रूप में जाना जाता है, वहां जीवित जानवरों को भी बेचा जाता है।

उन्होंने कहा कि संक्रमित जानवरों के साथ निकटता से मनुष्यों में वायरस का संचरण हुआ।

शोधकर्ताओं के अनुसार कई साल पहले भी इसी तरह से मर्स और सार्स जैसे प्रकोप आ चुके हैं।

कैनन ने कहा कि सबूत बताते हैं कि मर्स चमगादड़ से ऊंट में फैला, फिर ऊंट से मनुष्य में फैला, जबकि सार्स संभवतः चमगादड़ से बिलाव, फिर बिलाव से मनुष्यों में फैला।

शोधकर्ताओं का कहना है कि इबोला वायरस का मूल स्रोत भी चमगादड़ ही है, जिसने अफ्रीका में काफी तबाही मचाई थी।

उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों को इसके बहुत मजबूत सुराग मिले हैं कि कोविड-19 की उत्पत्ति भी चमगादड़ों से हुई है।

कैनन ने कहा कि कोरोना वायरस के जेनेटिक कोड का एक हिस्सा चमगादड़ में पाए जाने वाले वायरस के समान है।

उन्होंने कहा कि यह पैंगोलिन में पाए जाने वाले वायरस से भी मिलता-जुलता है, लेकिन इसके फैलन में क्या पैंगोलिन की प्रत्यक्ष भूमिका थी या उसमें भी चमगादड़ से फैला है, यह भी स्पष्ट नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘सैकड़ों कोरोना वायरस हैं, और उनमें से बड़ी संख्या में चमगादड़ में पाए जाते हैं।’’

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