देश की खबरें | कोविड-19 : औपचारिकताएं पूरी न होने के कारण गोवा में प्लाज्मा थेरेपी में देरी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. गोवा में तमाम अवसंरचनाएं होने के बावजूद, राज्य सरकार कोविड-19 मरीजों के लिए प्लाज्मा थेरेपी नहीं शुरू कर पाई है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ऐसा इसलिए है क्योंकि कुछ औपचारिकताएं पूरी नहीं हो पाई हैं।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

पणजी, 25 जुलाई गोवा में तमाम अवसंरचनाएं होने के बावजूद, राज्य सरकार कोविड-19 मरीजों के लिए प्लाज्मा थेरेपी नहीं शुरू कर पाई है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ऐसा इसलिए है क्योंकि कुछ औपचारिकताएं पूरी नहीं हो पाई हैं।

राज्य की स्वास्थ्य सचिव नीला मोहनन ने शुक्रवार को संवाददाताओं को बताया कि कोविड-19 के कम से कम 15 से 20 मरीज पहले ही अपना प्लाज्मा दान कर चुके हैं।

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हालांकि, राज्य सरकार द्वारा प्लाज्मा थेरेपी शुरू किया जाना अभी शेष है क्योंकि कुछ और प्रक्रियाएं अभी पूरी नहीं हुई हैं।

स्वास्थ्य लाभ प्लाज्मा थेरेपी एक प्रायोगिक प्रक्रिया है जिसमें कोविड-19 से स्वस्थ हुए मरीज के खून से प्लाज्मा निकालकर गंभीर रूप से बीमार कोरोना के मरीज को चढ़ाया जाता है।

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राज्य के स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे ने राज्य में प्लाज्मा थेरेपी शुरू करने के लिए पिछले हफ्ते की समयसीमा तय की थी और गोवा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ने प्रक्रिया के लिए जरूरी मशीन भी खरीद ली थी।

इस बीच, स्वास्थ्य सचिव ने माना कि जांच के लिए नाक और गले से लिए जाने वाले नमूने हर गुजरते दिन के साथ बढ़ते जा रहे हैं।

शुक्रवार तक आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, करीब 5,000 नमूनों की अब भी जांच होनी है।

मोहनन ने कहा कि कोविड-19 के मामले बढ़ने और अधिक निरुद्ध क्षेत्रों की पहचान के साथ ही नमूने लिए जाने की संख्या भी बढ़ रही है।

उन्होंने कहा, “ हम सभी जरूरी कदम उठा रहे हैं ताकि सुनिश्चित हो सके कि सरकारी लैब हर वक्त काम कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह काम में जुटी हुई है।”

मोहनन ने कहा कि मामले बढ़ने के बावजूद, मारगाओ में मौजूद एक कोविड-19 अस्पताल के अलावा अतिरिक्त की जरूरत नहीं है। साथ ही बताया कि ईएसआई अस्पताल में 50 प्रतिशत से कम बेड भरे हुए हैं।

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