विदेश की खबरें | महाराजा चार्ल्स तृतीय और महारानी कैमिला राज्याभिषेक के लिए आधुनिक बग्घी से गये
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

लंदन, छह मई महाराजा चार्ल्स तृतीय और उनकी पत्नी कैमिला शनिवार को अपने राज्याभिषेक के लिए कहीं अधिक आरामदेह, अपेक्षाकृत आधुनिक बग्घी ‘डायमंड जुबली स्टेट कोच’ से वेस्टमिंस्टर एबे गये।

हालांकि, समारोह के बाद बकिंघम पैलेस लौटने के लिए अलग तरह की, ज्यादा पारंपरिक लेकिन कम आरामदेह बग्घी ‘गोल्ड स्टेट कोच’ का उपयोग किया जाएगा। इस बग्घी का उपयोग 1830 के दशक से प्रत्येक राज्याभिषेक में किया जाता रहा है।

उल्लेखनीय है कि नयी बग्घी को पिछली बार 2019 में देखा गया था। इसे बीते 10 वर्षों में केवल एक बार उपयोग में लाया गया है।

इसे ऑस्ट्रेलिया में निर्मित किया गया था। यह वातानुकूलित है और इसमें इलेक्ट्रिक खिड़कियां लगी हुई हैं तथा यह अत्याधुनिक हाइड्रोलिक सस्पेंशन से लैस है जो सफर को कहीं अधिक आरामदेह बनाती है।

यह बाहर से पारंपरिक दिखती है लेकिन यह लकड़ी की जगह एल्युमिनियम की बनी हुई है।

हालांकि, इसमें एचएमएस विक्टरी, मेरी रोज जैसे जहाजों-और बालमोरल कैसल, कैंटरबरी कैथेड्रल एवं वेस्टमिंस्टर एबे जैसी इमारतों की लकड़ियां लगाई गई हैं।

रॉयल कलेक्शन ट्रस्ट के अनुसार, ‘‘(दिवंगत)महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की हीरक जयंती मनाने के लिए इसे निर्मित कराया गया था और चार जून 2014 को संसद का सत्र आरंभ होने के दौरान पहली बार इसका उपयोग किया गया था। यह बग्घी पांच मीटर लंबी है और इसका वजन तीन टन है तथा इसे खींचने के लिए छह घोड़ों की जरूरत पड़ती है।’’

ट्रस्ट के अनुसार, ‘‘बग्घी के अंदरूनी हिस्से ब्रिटेन स्थित 100 से अधिक ऐतिहासिक स्थलों और संगठनों द्वारा दान की गई वस्तुओं से निर्मित हैं।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)