देश की खबरें | मध्य प्रदेश में ‘किल कोरोना अभियान-दो’ प्रारंभ
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

भोपाल, एक अगस्त मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए शनिवार से 14 दिन के लिए ‘किल कोरोना अभियान-दो’ प्रारंभ किया गया।

किल कोरोना अभियान-दो के अंतर्गत जन-प्रतिनिधि सार्वजनिक दौरा कार्यक्रम आयोजित नहीं करेंगे तथा विकास कार्यों के शिलान्यास, भूमि-पूजन एवं लोकार्पण आदि आयोजन प्रतिबंधित रहेंगे।

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इस अवसर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ‘‘प्रदेश में कोरोना वायरस को पूर्ण रूप से समाप्त करने के लिए किल कोरोना अभियान-दो के रूप में जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, जो एक अगस्त से प्रारंभ होकर 14 अगस्त तक चलेगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इस अभियान के दौरान हमें एक दूसरे के पूरे सहयोग से दृढ़ संकल्पित होकर संक्रमण की कड़ी को पूरी तरह तोड़ देना है।’’

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उन्होंने सभी से अपील की कि वे प्रदेश को कोराना वायरस संक्रमण से मुक्त करने के लिए इस अभियान में अपना पूर-पूरा सहयोग प्रदान करें।

चौहान ने कहा, ‘‘जनता के सक्रिय सहयोग के बिना कोरोना वायरस को पूर्ण रूप से परास्त नहीं किया जा सकता। लॉकडाउन कोरोना वायरस का स्थाई समाधान नहीं है। कोरोना वायरस को पूर्ण रूप से समाप्त करने के लिए हर व्यक्ति का यह संकल्प लेना जरूरी है कि वह अनिवार्य रूप से मास्क का उपयोग करेगा तथा सामाजिक दूरी का पालन करेगा अर्थात एक दूसरे से पर्याप्त दूरी बनाए रखेगा। इसी के माध्यम से संक्रमण की कड़ी टूटेगी।’’

उन्होंने कहा कि तीन अगस्त के बाद आर्थिक गतिविधियों के संचालन की आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए जिला स्तर पर लॉकडाउन का किसी भी तरह का आदेश राज्य शासन की पूर्व अनुमति के बिना जारी नहीं किया जाएगा।

मध्य प्रदेश जनसंपर्क विभाग की विज्ञप्ति के अनुसार, किल कोरोना अभियान-दो के दौरान निगरानी एवं समन्वय के लिये गृह विभाग को राज्य-स्तर पर नोडल विभाग बनाया गया है।

अभियान की थीम '‘संकल्प की चेन जोड़ो-संक्रमण की चेन तोड़ो'' है। इसके साथ ही 'एक मास्क-अनेक जिंदगी' और 'रोको-टोको' की कार्रवार्ह भी सतत जारी रखी जाएगी।

किल कोरोना अभियान-दो के अंतर्गत जन-प्रतिनिधियों द्वारा सार्वजनिक दौरा कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएंगे तथा क्षेत्र में जाकर विकास कार्यों के शिलान्यास, भूमि-पूजन एवं लोकार्पण आदि आयोजन प्रतिबंधित रहेंगे। शिलान्यास, भूमि-पूजन/लोकार्पण आदि कार्यक्रम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित किये जा सकते हैं। इस अवधि में सभी प्रकार की राजनीतिक रैलियों का आयोजन भी पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। जन-प्रतिनिधि अपने क्षेत्र में ऑनलाइन डिजिटल रैलियों का आयोजन कर सकते हैं।

जन-प्रतिनिधि अपने कार्यालय अथवा निवास स्थान पर आम जनता से मिलकर उनकी समस्याएं/शिकायतें सुन सकते हैं, किन्तु इस बात का विशेष ध्यान रखा जाएगा कि एक समय में पांच से अधिक लोग एकत्र न हों।

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