देश की खबरें | केरल: भारी बारिश के कारण घरों में घुसा पानी, जनजीवन अस्त-व्यस्त
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केरल में भारी बारिश होने के कारण निचले इलाकों में स्थित घरों में पानी घुस गया, जबकि तेज हवा के कारण पेड़ उखड़ गए और बिजली आपूर्ति बाधित हुई, जिससे पूरे राज्य में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
तिरुवनंतपुरम, 30 मई केरल में भारी बारिश होने के कारण निचले इलाकों में स्थित घरों में पानी घुस गया, जबकि तेज हवा के कारण पेड़ उखड़ गए और बिजली आपूर्ति बाधित हुई, जिससे पूरे राज्य में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
त्रिशूर, कन्नूर और कासरगोड जिलों में भारी बारिश के कारण कई घरों में पानी घुस गया, जिससे लोगों को राहत शिविरों में जाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
इन जिलों और राज्य के अन्य हिस्सों में भारी बारिश के कारण कई सड़कें भी जलमग्न हो गई हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, पथनमथिट्टा, कोट्टायम और इडुक्की जिलों में भारी बारिश व तेज हवा के कारण पेड़ उखड़ गए और बिजली के खंभे तथा ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए। सैकड़ों मकान आंशिक रूप से और पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए तथा घंटों तक बिजली आपूर्ति बाधित रही।
जिलों के अधिकारियों ने बताया कि कोट्टायम जिले में शनिवार को शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश रहेगा।
कोल्लम में बारिश व तेज हवा के कारण पेड़ उखड़ने और उनकी शाखाएं गिरने से जिले में कई मकानों और निजी वाहनों को नुकसान पहुंचा तथा कुछ लोगों के घायल होने की खबर है।
एर्नाकुलम जिले में 85 वर्षीय एक महिला पर बृहस्पतिवार शाम एक पेड़ गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
एर्नाकुलम जिले के अधिकारियों ने मुवत्तुपुझा नदी का जल स्तर खतरे के निशान से ऊपर बढ़ने की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि मलंकारा बांध के तीन फाटक 20 सेंटीमीटर (सेमी) तक खोल दिये गए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि रेल सेवाएं भी प्रभावित हुईं, जिनमें मेंगलुरु-तिरुवनंतपुरम वंदे भारत एक्सप्रेस शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि पटरियों पर गिरे पेड़ों के कारण कुछ ट्रेनों के मार्ग परिवर्तित कर दिये गये, जबकि अन्य ट्रेनों को भारी बारिश के कारण पुनर्निर्धारित या देरी से रवाना किया गया।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शुक्रवार को राज्य के आठ जिलों में ‘रेड अलर्ट’ जारी किया।
आईएमडी ने पथनमथिट्टा, अलप्पुझा, कोट्टयम, एर्नाकुलम, इडुक्की, त्रिशूर, कन्नूर और कासरगोड में ‘रेड अलर्ट’ तथा राज्य के शेष छह जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।
मौसम विभाग ने इसके अलावा तिरुवनंतपुरम और कोल्लम जिलों में अपराह्न एक बजे से तीन घंटे के लिए अलर्ट की स्थिति को ‘ऑरेंज’ से ‘रेड’ कर दिया।
राज्य के राजस्व मंत्री के. राजन ने कहा कि भारी बारिश से प्रदेश में व्यापक नुकसान हुआ है। उन्होंने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
राजन ने त्रिशूर में संवाददाताओं से कहा कि चूंकि अगले पांच दिनों तक केरल में पश्चिमी हवाएं चलने का पूर्वानुमान है और भारी वर्षा की संभावना है, ऐसे में सभी लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए।
मंत्री ने लोगों को अनावश्यक यात्राओं, खासकर पर्वतीय इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी और कहा कि जोखिम वाले स्थानों पर रहने वालों को सुरक्षित स्थानों या राहत शिविरों में चले जाना चाहिए।
राजन ने कहा कि राज्य में इस समय 66 शिविरों में 1,894 लोग शरण लिये हुए हैं।
उन्होंने कहा कि करीब छह लाख लोगों के रहने के लिए कम से कम 4,000 शिविर तैयार हैं।
मंत्री ने कहा कि लोगों को इन शिविरों में जाने में संकोच नहीं करना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि मानसून के आगमन के बाद से भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण राज्य में सैकड़ों मकान आंशिक रूप से या पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं।
मंत्री ने कहा कि आईएमडी के अनुसार, 30 मई से पांच जून तक के सप्ताह में राज्य के सभी जिलों में भारी बारिश की संभावना है और इस अवधि में बारिश सामान्य से अधिक होगी।
उन्होंने कहा कि जून के दूसरे सप्ताह में भी राज्य के सभी जिलों में बारिश होगी, लेकिन इस अवधि में बारिश सामान्य से कम होगी।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 30, 2025 07:54 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

