देश की खबरें | केरल : कन्नूर गांव में बेहोश किए गए हाथी की मौत

कन्नूर (केरल), छह मार्च कन्नूर जिले के एक गांव के आवासीय क्षेत्र में भटक कर आए तीन वर्षीय हाथी को काबू करने के लिए उसे बेहोशी की दवा दी गई, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

वन अधिकारियों ने बताया कि हालांकि मौत के असल कारणों का फिलहाल खुलासा नहीं हो सका है, लेकिन हाथी कमजोर था और उसके जबड़े में चोट लगी थी, जिसके कारण उसकी मौत होने का संदेह है।

संदेह है कि पटाखे के कारण जबड़े में गंभीर चोट लग जाने से यह हाथी न तो कुछ खा सकता था और न ही कुछ पी सकता था।

हाथी के अय्यनकुन्नू ग्राम पंचायत के आवासीय क्षेत्र में भटक कर आने के बाद वन अधिकारियों ने उसे दूसरे स्थान भेजने का निर्णय लिया।

मुख्य वन्यजीव वार्डन के निर्देश पर वन अधिकारियों ने बुधवार शाम हाथी को बेहोश कर दिया और एक वाहन के जरिए उसे ले जाया गया। टेलीविजन पर दिखाए गए दृश्यों के अनुसार, हाथी को वाहन में रस्सियों से बांधा गया और उसके घावों पर दवाइयां लगाई गई।

अधिकारियों ने बताया कि हाथी को अरलम वलयमचल आरआरटी ​​उपचार केंद्र ले जाया गया और जरूरत पड़ने पर विशेष उपचार के लिए उसे वायनाड ले जाने की योजना थी, लेकिन बुधवार देर रात उसकी मौत हो गई।

यह हाथी बुधवार की सुबह भटककर गांव में आ गया, जिसके बाद जिलाधिकारी ने एक आदेश जारी कर अय्यनकुन्नू ग्राम पंचायत के तीन वार्ड में पांच मार्च को सुबह 10 बजे से छह मार्च को शाम छह बजे तक दो दिनों के लिए लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध लगा दिया।

इसके बावजूद, हाथी को पकड़ने के लिए वन अधिकारियों द्वारा किए जा रहे प्रयासों को देखने के मकसद से पूरे दिन बड़ी संख्या में लोग क्षेत्र में एकत्र रहे।

यहां अरलम फार्म क्षेत्र में 23 फरवरी को हाथी के हमले में एक बुजुर्ग दंपति की मौत हो गई थी।

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