कोच्चि, पांच अप्रैल केरल की एक निजी विपणन कंपनी पर खराब प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया गया है जिसमें उन्हें जंजीरों से बंधे कुत्तों की तरह घुटनों के बल चलने और फर्श पर पड़े सिक्कों को चाटने के लिए मजबूर करने जैसा अपमानजनक कृत्य शामिल है।
राज्य श्रम विभाग ने स्थानीय टेलीविजन चैनलों पर विचलित करने वाले दृश्य दिखाए जाने के बाद कार्यस्थल पर कथित अमानवीय उत्पीड़न की जांच के आदेश दिए हैं।
मामला प्रकाश में आने पर राज्य के श्रम मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने इस घटना की जांच के आदेश दिए तथा जिला श्रम अधिकारी को घटना पर तत्काल रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
प्रसारित वीडियो में कथित तौर पर एक व्यक्ति को एक कर्मचारी को कुत्ते की तरह पट्टा पहनाकर उसे घुटनों के बल फर्श पर रेंगने के लिए मजबूर करते हुए दिखाया गया है। बाद में, कुछ कर्मचारियों ने एक टीवी चैनल को बताया कि जो लोग लक्ष्य हासिल करने में विफल रहते हैं, उन्हें कंपनी के प्रबंधन द्वारा इस तरह की सजा दी जाती है।
पुलिस के अनुसार, यह घटना कथित तौर पर कलूर में कार्यरत एक निजी विपणन कंपनी से जुड़ी है और यह अपराध कथित तौर पर निकटवर्ती पेरुम्बवूर में हुआ।
पुलिस ने संवाददाताओं को बताया कि उन्हें कोई शिकायत नहीं मिली है और कंपनी के मालिक ने आरोपों से इनकार किया है।
एक अधिकारी ने बताया, ‘‘अभी तक कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है और जांच जारी है।’’
श्रम मंत्री शिवनकुट्टी ने इन दृश्यों को ‘‘चौंकाने वाला और परेशान करने वाला’’ बताया और कहा कि केरल जैसे राज्य में इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने मीडिया से कहा, ‘‘मैंने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं और जिला श्रम अधिकारी को जांच के बाद घटना के संबंध में रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।’’
बाद में, राज्य मानवाधिकार आयोग ने उच्च न्यायालय के वकील कुलथूर जयसिंह द्वारा दायर शिकायत के आधार पर इस घटना को लेकर मामला दर्ज किया।
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