Sharad Pawar At Jantar Mantar: शरद पवार ने जंतर-मंतर पर अभिजीत दीपके से की मुलाकात; लाठीचार्ज में घायल छात्रों का जाना हाल, समर्थन का दिया भरोसा (Video)
अभिजीत दिपके से मिले शरद पवार (Photo Credits: File Image)

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली (Delhi) के जंतर-मंतर (Jantar-Mantar) पर नीट (NEET) पेपर लीक और शिक्षा सुधारों को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार (Sharad Pawar) मंगलवार, 21 जुलाई 2026 को धरना स्थल पर पहुंचे. संसद मार्ग पर हुए लाठीचार्ज के बाद पवार ने CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) और घायल छात्रों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना.

इस दौरान उनके साथ सांसद सुप्रिया सुले भी मौजूद रहीं. शरद पवार ने दिल्ली पुलिस द्वारा छात्रों पर किए गए बल प्रयोग पर चिंता जताई और आंदोलनकारियों से उनकी सेहत व मांगों की जानकारी ली. यह भी पढ़ें: Jantar Mantar Student Protest: दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई पर भड़के राहुल गांधी, PM मोदी से माफी की मांग की

'पवार साहब ने घायल छात्रों की सुध ली'- अभिजीत दीपके

मुलाकात के बाद सीजेपी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक वीडियो और तस्वीरें साझा करते हुए लिखा:

"एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने आज जंतर-मंतर का दौरा कर पुलिस की बर्बरता के बारे में जानकारी ली और घायल छात्रों के प्रति चिंता व्यक्त की. इस विपरीत परिस्थिति में छात्रों के साथ खड़े होने के लिए मैं पवार सर का धन्यवाद करता हूँ."

अभिजीत दीपके ने मीडिया से बातचीत में बताया कि पवार ने उनसे पूछा कि क्या उन्हें किसी सहायता की आवश्यकता है और यह प्रदर्शन कितने दिनों से चल रहा है. दीपके ने बताया कि उन्होंने जवाब दिया कि आंदोलन पिछले एक महीने से शांतिपूर्ण ढंग से जारी है और छात्रों की मांगें पूरी होने तक यह समाप्त नहीं होगा.

शरद पवार ने जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के नेताओं से मुलाकात की

सीजेपी (CJP) की मुख्य मांगें

अभिजीत दीपके ने शरद पवार के साथ चर्चा के दौरान आंदोलन की प्रमुख मांगों को दोहराया:

  • शिक्षा मंत्री का इस्तीफा: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल प्रभाव से इस्तीफा लिया जाए.
  • मुकदमों की वापसी: देश भर में प्रदर्शनकारी छात्रों और युवाओं पर दर्ज किए गए सभी पुलिस मुकदमों (FIRs) को रद्द किया जाए.
  • मुआवजे की मांग: पेपर लीक के तनाव के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए.
  • सोनम वांगचुक की रिहाई: नजरबंद और अस्पताल में रखे गए पर्यावरणविद व शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक की अविलंब रिहाई हो.

विपक्ष का मिला समर्थन; अनिश्चितकालीन जारी रहेगा धरना

दीपके ने बताया कि महाराष्ट्र के विपक्षी दल—शरद पवार और उद्धव ठाकरे—पहले दिन से ही इस छात्र आंदोलन के समर्थन में रहे हैं. उन्होंने कहा कि पुलिस कार्रवाई के बाद भी जंतर-मंतर पर हजारों की संख्या में छात्र दोबारा एकजुट हो गए हैं और जब तक केंद्र सरकार उनकी मांगों पर कोई ठोस फैसला नहीं लेती, तब तक यह धरना अनिश्चितकालीन रूप से जारी रहेगा.