ECI Row: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़ा CJP; अभिजीत दिपके का 48 घंटे का अल्टीमेटम, 2 अक्टूबर से देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
भारतीय निर्वाचन आयोग के भीतर नीतिगत फैसलों पर दो चुनाव आयुक्तों की असहमति की खबरों के बाद राजनीतिक टकराव बढ़ता जा रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए 48 घंटे का अल्टीमेटम जारी किया है. नई दिल्ली में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के मौजूदा नेतृत्व में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कमजोर किया गया है.
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नई दिल्ली: निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और आंतरिक विमर्श को लेकर जारी विवाद के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग तेज होने लगी है. गुरुवार, 24 सितंबर को नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने चुनाव आयोग के शीर्ष नेतृत्व पर सीधा निशाना साधा.
दिपके ने चुनाव आयोग की स्वायत्तता और निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त को 48 घंटे के भीतर पद छोड़ने का अल्टीमेटम दिया है. यह भी पढ़ें: ECI News: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का यूपी दौरा स्थगित; मेरठ और वाराणसी में होने थे कार्यक्रम, चुनाव आयोग ने बताया सामान्य प्रशासनिक फैसला
48 घंटे का अल्टीमेटम: "इस्तीफा न होने पर 2 अक्टूबर से देशव्यापी प्रदर्शन"
संवाददाता सम्मेलन में अपनी बात रखते हुए अभिजीत दिपके ने कहा कि चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए शीर्ष स्तर पर जवाबदेही तय होना आवश्यक है:
- मुंबई से होगी शुरुआत: दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि यदि ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं, तो सीजेपी 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर मुंबई से राष्ट्रव्यापी आंदोलन का आगाज करेगी और इसे देश के अन्य शहरों तक विस्तारित किया जाएगा.
- लोकतंत्र बचाने का संकल्प: उन्होंने कहा, "इस गांधी जयंती पर आइए लोकतंत्र को बचाने का संकल्प लें. यदि 48 घंटों के भीतर ज्ञानेश कुमार ने इस्तीफा नहीं दिया, तो हम देशव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे और जब तक इस्तीफा नहीं होता, हम पीछे नहीं हटेंगे."
- दिपके ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक स्तर पर लिए जा रहे फैसलों से यह आभास हो रहा है कि तंत्र मतदाताओं की पात्रता तय कर रहा है, जबकि नागरिकों को स्वतंत्र रूप से अपने प्रतिनिधि चुनने की पूरी आजादी होनी चाहिए.
CJP 2 अक्टूबर को मुंबई से अपना देशव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू करेगी
If Gyanesh Kumar does not resign by tomorrow, CJP will begin its nationwide protest from Mumbai on 2 October, and take it to cities across India.
This Gandhi Jayanti let’s pledge to save democracy.
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) September 25, 2026
"सिस्टम में बुनियादी बदलाव की जरूरत": सीजेपी सह-संयोजक
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सीजेपी के सह-संयोजक सौरव दास ने भी मौजूदा चुनावी प्रक्रिया और प्रशासनिक ढांचे पर तीखा हमला बोला:
- उन्होंने कहा कि मौजूदा व्यवस्था के तहत संस्थान अपनी साख खोते जा रहे हैं और युवाओं में इस व्यवस्था को लेकर गहरा असंतोष है.
- दास के अनुसार, "देश का युवा अब बदलाव की मांग कर रहा है. यह केवल सतही सुधारों का सवाल नहीं है, बल्कि चुनाव प्रक्रिया में आमूलचूल और बुनियादी बदलाव (Fundamental Change) की आवश्यकता है."
चुनाव आयोग के आंतरिक मतभेद से गरमाया मुद्दा
यह पूरा विवाद उस समय उपजा जब मीडिया में चुनाव आयोग के तीन सदस्यों के बीच आंतरिक फैसलों पर दर्ज आपत्तियों की रिपोर्ट सामने आई:
- आयुक्तों की लिखित आपत्तियां: रिपोर्टों के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), फॉर्म 6 के जरिए नए मतदाताओं के पंजीकरण और चुनावी डेटाबेस प्रबंधन से जुड़े कई फैसलों पर लिखित असहमति दर्ज कराई थी.
- आयोग का पक्ष: हालांकि, निर्वाचन आयोग ने इन दावों पर पहले ही सफाई देते हुए स्पष्ट किया है कि लिखित नोट्स और विचार-विमर्श आयोग की आंतरिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं. आयोग ने दोहराया था कि एसआईआर (SIR) सहित सभी प्रमुख नीतिगत निर्णय तीनों आयुक्तों की सर्वसम्मति से ही लिए गए हैं.
राजनीतिक दलों के बीच बढ़ रही तनातनी
विपक्षी दलों द्वारा उठाए जा रहे 'वोट चोरी' के आरोपों और नागरिक संगठनों द्वारा घोषित आंदोलनों ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय बहस के केंद्र में ला खड़ा किया है. जहां सरकार और चुनाव आयोग इसे सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया बता रहे हैं, वहीं विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठन पारदर्शिता की मांग को लेकर सड़कों पर उतरने की रणनीति बना रहे हैं. 2 अक्टूबर को लेकर दी गई चेतावनी के बाद पुलिस और प्रशासनिक एजेंसियां भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 25, 2026 03:12 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

