Jantar-Mantar Student Protest: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने मंगलवार को प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) से माफी मांगने की मांग की है. प्रदर्शनकारी युवाओं पर बल प्रयोग किए जाने को "पूरी तरह से गैर-भारतीय" करार देते हुए राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर युवाओं की आवाज दबाने का आरोप लगाया और इस घटना की जवाबदेही तय करने की मांग की है.
राहुल गांधी ने सरकार और केंद्रीय मंत्रियों की भूमिका पर उठाए सवाल
पत्रकारों से बातचीत करते हुए राहुल गांधी ने पुलिस कार्रवाई पर प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि अपने अधिकारों और भविष्य के लिए शांतिपूर्ण ढंग से आवाज उठा रहे छात्रों पर बल प्रयोग करना पूरी तरह से अस्वीकार्य है. उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से सुने और इस पूरी घटना पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगे. यह भी पढ़े: CJP Protest: जंतर-मंतर पर पुलिस कार्रवाई में युवती गंभीर रूप से घायल; RML अस्पताल में वेंटिलेटर पर, हालत नाजुक
इसके साथ ही, कांग्रेस नेता ने स्पष्ट किया कि इस कार्रवाई की जिम्मेदारी केवल शिक्षा मंत्रालय तक सीमित नहीं है. उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि छात्रों के खिलाफ हुए इस एक्शन के लिए गृह मंत्रालय और स्वयं प्रधानमंत्री अंतिम रूप से जवाबदेह हैं.
संसद से सड़क तक मुद्दे को उठाने का विपक्ष का संकल्प
राहुल गांधी ने घोषणा की कि विपक्षी दल इस मुद्दे को संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह प्रमुखता से उठाएंगे. उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विषय पर संसद में विस्तृत चर्चा होनी चाहिए.
प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्रों से मिलने के बाद उन्होंने आश्वासन दिया कि विपक्ष यह सुनिश्चित करेगा कि युवाओं की मांगें दबी न रहें और उन्हें न्याय मिले.
परीक्षा धांधली और पुलिस झड़प से बढ़ा तनाव
यह पूरा विवाद NEET-UG परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद शुरू हुआ है. प्रदर्शनकारी छात्र लंबे समय से परीक्षा प्रणाली में सुधार, जवाबदेही तय करने और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.
सोमवार को संसद की ओर मार्च करने के दौरान प्रदर्शनकारियों और दिल्ली पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई थी. भीड़ को रोकने के लिए पुलिस द्वारा बैरिकेडिंग और बल प्रयोग किए जाने के कारण कई छात्र और पुलिसकर्मी घायल हो गए थे. जहां आयोजकों ने पुलिस पर अत्यधिक बल प्रयोग का आरोप लगाया, वहीं पुलिस प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाना आवश्यक था.
केंद्र सरकार का रुख और राजनीतिक बहस
दूसरी ओर, केंद्र सरकार ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा है कि वह सभी सार्वजनिक परीक्षाओं की पवित्रता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है. सरकार के अनुसार, पेपर लीक या किसी भी तरह की धांधली में शामिल पाए जाने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है.
हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने भी परीक्षा में गड़बड़ियों को रोकने को एक "राष्ट्रीय जिम्मेदारी" बताया था. हालांकि, दिल्ली में हुए घटनाक्रम के बाद सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है, जिससे आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और सार्वजनिक मंचों पर छाया रहने की संभावना है.













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