21 जुलाई की बड़ी खबरें
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

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सिक्किम की निर्माणाधीन सुरंग में भूस्खलन में कम से कम 9 लोगों की मौत

यूक्रेन के बंदरगाह पर एक कमर्शियल जहाज पर हमले में चार भारतीयों की मौत

ईरान पर अमेरिकी हमले दसवें दिन भी जारी, होर्मुज में तनाव बढ़ा

ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नम ने पहले ही दिन किए बड़े बदलाव

डॉनल्ड ट्रंप ने कनाडा पर लगाया 50 फीसदी टैरिफ

रेप, मानव तस्करी के आरोप में टेट ब्रदर्स अमेरिका में गिरफ्तार, यूके प्रत्यर्पण का करेंगे विरोध

ईरान समर्थित ‘हूथी’ ने लगाए सऊदी अरब पर प्रतिबंध, गहरा सकता है तेल संकट

दिल्ली मार्च कर किसानों को पुलिस ने हरियाणा बॉर्डर पर रोका

राहुल गांधी: युवाओं का भविष्य बर्बाद करने के लिए पीएम, गृह मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए

कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और केसी वेणुगोपाल ने मंगलवार, 21 जुलाई को उन छात्र प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की जो कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संसद मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई में घायल हुए थे. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज दबाने के लिए उन पर लाठीचार्ज किया गया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस घटना के लिए माफी मांगनी चाहिए. पार्टी ने कहा कि छात्रों की मांग स्पष्ट है कि कथित नीट पेपर लीक मामले की जिम्मेदारी केंद्र सरकार स्वीकार करे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें.

राहुल गांधी ने संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि यह मामला देश के युवाओं और उनके भविष्य से जुड़ा है. उन्होंने पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि छात्रों को पीटना पूरी तरह गलत है. राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी सांसद जब इस मुद्दे पर संसद में चर्चा की मांग लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिले तो उन्हें बताया गया कि इसके लिए सरकार की सहमति आवश्यक होगी.

दिल्ली में छात्रों पर बर्बरता से लाठीचार्ज, पीएम मोदी चुप

इसके बाद कांग्रेस के सांसदों ने प्रधानमंत्री के आवास तक मार्च किया. राहुल गांधी ने एक और एक्स पोस्ट में लिखा, "कल युवा छात्रों के साथ हुई बर्बरता के बारे में जवाब मांगने के लिए हम प्रधानमंत्री मोदी के घर तक मार्च कर रहे हैं. सरकार न तो इसकी कोई जिम्मेदारी लेना चाहती है और न ही संसद में इस पर कोई बहस करना चाहती है. भारत के युवाओं का भविष्य बर्बाद करने के लिए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए."

इस बीच, विपक्ष के कई नेताओं ने भी पुलिस कार्रवाई की आलोचना की है. वहीं, दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जबकि कई प्रदर्शनकारियों को भी चोटें आई हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अलग-अलग अस्पताल जाकर घायलों का हालचाल जाना. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक फिलहाल सफदरजंग अस्पताल में चिकित्सा निगरानी में हैं.

ईरान समर्थित ‘हूथी’ ने लगाए सऊदी अरब पर प्रतिबंध, गहरा सकता है तेल संकट

यमन के ईरान समर्थित हूथी विद्रोहियों ने सऊदी अरब के खिलाफ तत्काल प्रभाव से समुद्री प्रतिबंध लगाने का एलान किया है. विद्रोहियों ने इसे "जैसे को तैसा" कार्रवाई बताते हुए कहा कि यह कदम यमन पर सऊदी नाकाबंदी और सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमलों के जवाब में उठाया गया है. इस फैसले के तहत लाल सागर और अदन की खाड़ी को जोड़ने वाले रणनीतिक मार्ग 'बाब अल-मंदब' से सऊदी जहाजों की आवाजाही रोकने की धमकी दी गई है.

ईरान युद्ध में कूदे हूथी, एक और अहम समुद्री रास्ते पर संकट

ईरान पहले ही होर्मुज जलडमरूमध्य पर मजबूत पकड़ बनाए हुए है. इस रास्ते से बचने के लिए सऊदी अरब अपनी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन के जरिए लाल सागर की ओर प्रतिदिन 25 लाख बैरल कच्चा तेल भेज रहा था. अब बाब अल-मंदब के घिरने से सऊदी अरब का यह वैकल्पिक मार्ग भी बंद हो सकता है. इससे वैश्विक बाजार में तेल की आपूर्ति रुकने और कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने का खतरा बढ़ गया है.

लाल सागर से गुजरने वाले जहाजों का बीमा कौन करेगा

सऊदी सैन्य प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मल्की ने कहा है कि सऊदी अरब इस समुद्री मार्ग को खुला रखेगा और किसी भी उल्लंघन से सख्ती से निपटेगा. अगर बाब अल-मंदब पूरी तरह बंद होता है, तो मालवाहक जहाजों को अफ्रीका के 'केप ऑफ गुड होप' से होकर लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा. इस वैकल्पिक रास्ते से यात्रा में लगभग 4,300 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी जुड़ेगी, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार में लागत और समय काफी बढ़ जाएगा.

दिल्ली मार्च कर किसानों को पुलिस ने हरियाणा बॉर्डर पर रोका

दिल्ली में प्रस्तावित किसान महापंचायत में शामिल होने के लिए पंजाब से निकले सैकड़ों किसानों को मंगलवार, 21 जुलाई को हरियाणा पुलिस ने शंभू बॉर्डर पर रोक दिया. किसानों का कहना था कि वे प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ अपनी आवाज उठाने के लिए दिल्ली जा रहे थे. शंभू बॉर्डर पर बड़ी संख्या में किसान जमा हो गए, जिससे वहां तनावपूर्ण स्थिति बन गई.

समाचार एजेंसी एएनआई द्वारा जारी तस्वीरों और वीडियो में शंभू बॉर्डर पर 1,000 से अधिक किसान मौजूद दिखाई दिए. किसानों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए हरियाणा पुलिस ने भारी सुरक्षा बल तैनात किया था. बॉर्डर पर बैरिकेडिंग की गई थी और घग्गर नदी पर बने पुल पर सीमेंट के अवरोधक लगाए गए थे, ताकि प्रदर्शनकारी दिल्ली की ओर न बढ़ सकें.

दिल्ली जाने की अनुमति नहीं मिलने पर किसानों ने शंभू बॉर्डर को ही धरनास्थल में बदल दिया. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि हरियाणा और पंजाब सरकारें उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन कर रही हैं और उन्हें शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगें उठाने से रोका जा रहा है. किसानों ने चेतावनी दी कि उनकी मांगों को अनदेखा किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.

रेप, मानव तस्करी के आरोप में टेट ब्रदर्स अमेरिका में गिरफ्तार, यूके प्रत्यर्पण का करेंगे विरोध

इंटरनेट इन्फ्लुएंसर एंड्रयू टेट और उनके भाई ट्रिस्टन टेट ब्रिटेन भेजे जाने के फैसले के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेंगे. दोनों भाइयों पर ब्रिटेन में बलात्कार, हमला, मानव तस्करी और बच्चों से जुड़ा अश्लील कॉन्टेंट रखने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं.

स्त्री विरोधी सोच रखने वालों से जूझती भारत की महिलाएं

अपनी सोशल मीडिया गतिविधियों के जरिए संपत्ति, पुरुषों का वर्चस्व और महिला-विरोधी विचारों को बढ़ावा देने वाले ये दोनों भाई दुनिया के सबसे विवादित इंटरनेट हस्तियों में शामिल हैं. इनके अकाउंट्स को हेट स्पीच और विवादित टिप्पणियों के कारण यूट्यूब और इंस्टाग्राम जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स से भी बैन किया जा चुका है.

शनिवार, 18 जुलाई को अमेरिका के मियामी में गिरफ्तारी के बाद सोमवार, 20 जुलाई को दोनों को संघीय अदालत में पेश किया गया, जहां मजिस्ट्रेट ने अगली सुनवाई 27 जुलाई तय की है. ब्रिटेन की क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस ने चार नए पीड़ितों से जुड़े सबूत मिलने के बाद नए मामले दर्ज किए हैं, जिससे कुल पीड़ितों की संख्या बढ़कर सात हो गई है. सुनवाई के दौरान उन्होंने कोई बयान नहीं दिया.

टेट भाइयों के वकील जोसेफ मैकब्राइड ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है. उन्होंने दावा किया कि टेट ब्रदर्स की गिरफ्तारी पूरी तरह राजनीति से प्रेरित है. वकील ने कहा कि वे ब्रिटेन प्रत्यर्पित किए जाने के कदम का खुलकर विरोध करेंगे.

ममदानी के बयान को ट्रंप ने किया खारिज, कहा- अमेरिका में नहीं होगी नेतन्याहू की गिरफ्तारी

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि इस्राएल के प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू यदि सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) की बैठक में भाग लेने के लिए न्यूयॉर्क आते हैं, तो उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जाएगा.

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा कि नेतन्याहू को अमेरिका में किसी भी रूप में गिरफ्तार नहीं किया जाएगा. उनका यह बयान न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी की उस हालिया टिप्पणी के जवाब में आया है, जिसमें उन्होंने नेतन्याहू को "युद्ध अपराधी" करार दिया था.

जर्मनी और इस्राएल के बीच क्यों दिखने लगी है कूटनीतिक दरार

न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने एक साक्षात्कार में कहा था कि वह कानून विभाग से इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि क्या उनके पास इस्राएली पीएम को गिरफ्तार करने का अधिकार है. इसके जवाब में संयुक्त राष्ट्र में इस्राएल के मिशन ने कहा कि ममदानी के बयानों का कोई कानूनी आधार नहीं है और नेतन्याहू के महासभा में शामिल होने की पूरी उम्मीद है.

अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) ने नवंबर 2024 में गाजा में कथित युद्ध अपराधों को लेकर नेतन्याहू के खिलाफ वारंट जारी किया था. इस्राएल और अमेरिका दोनों ही आईसीसी के अधिकार क्षेत्र को स्वीकार नहीं करते हैं. इस्राएल ने आईसीसी से इन वारंटों को वापस लेने की मांग की है.

छात्रों को लाठी नहीं, प्यार चाहिए: सीजेपी के प्रदर्शन पर बोले सोनू सूद

अभिनेता और समाजसेवी सोनू सूद ने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले को लेकर जारी छात्र प्रदर्शनों के बीच युवाओं के साथ संवेदनशील व्यवहार की अपील की है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि छात्रों को लाठियों नहीं, बल्कि गले लगाने और सहारा देने की जरूरत है. सोनू सूद ने कहा कि देश का भविष्य प्रेम और समझदारी का हकदार है, न कि बल प्रयोग का.

इसी बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी छात्रों के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना नागरिकों का मौलिक अधिकार है और संविधान सर्वोच्च है. राहुल गांधी ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सत्ता हमेशा नहीं रहती और जवाबदेही तय होकर रहेगी.

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के साथ हुई बैठक में तीन प्रमुख मांगें रखी गईं. इनमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, कथित तौर पर जान गंवाने वाले 20 से अधिक नीट अभ्यर्थियों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा और अस्पताल में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई शामिल है, दास ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा देने तक आंदोलन जारी रहेगा.

डॉनल्ड ट्रंप ने कनाडा पर लगाया 50 फीसदी टैरिफ, जानिए क्यों

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने सोमवार, 20 जुलाई को कनाडा से आने वाले सामानों पर 50 फीसदी का नया टैरिफ लगाने की घोषणा की है. यह नया शुल्क 19 अगस्त से लागू होगा. अमेरिका का कहना है कि यह कदम अमेरिकी कारों, शराब और डेयरी उत्पादों के साथ कनाडा के भेदभावपूर्ण रवैये के जवाब में उठाया गया है. इसके लिए ट्रंप ने साल 1930 के टैरिफ कानून की धारा 338 का इस्तेमाल किया है. लगभग एक सदी के इतिहास में इस कानून का पहली बार इस्तेमाल हुआ है.

जर्मनी के दवा उद्योग पर क्यों निशाना साध रहा है अमेरिका?

इस नए फैसले के तहत शराब, सीमेंट, हॉकी स्टिक, स्विमिंग पूल, डेयरी उत्पाद, कपड़े और विग जैसे उत्पादों पर शुल्क लगेगा. अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि के अनुसार यह टैरिफ कनाडा से होने वाले लगभग 20 अरब डॉलर के आयात पर लागू होगा. हालांकि ऊर्जा, पोटाश, मछली और महत्वपूर्ण खनिजों को इससे बाहर रखा गया है. अमेरिकी प्रशासन का आरोप है कि कनाडा ने अमेरिकी व्यापार को नुकसान पहुंचाया है.

दूसरी ओर कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि उनकी सरकार ने व्यापार विवाद सुलझाने के लिए प्रस्ताव दिए थे. उन्होंने कहा कि इस विवाद से दोनों देशों के लोगों पर खर्च बढ़ा है. कनाडा अमेरिका के साथ बातचीत के जरिए मसले का समाधान निकालने के लिए तैयार है.

छात्रों के प्रदर्शन पर संसद में बोलने नहीं दिया गया: खरगे

कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन पर हुई पुलिस कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष को इस मुद्दे पर संसद में बोलने का अवसर नहीं दिया गया. खरगे ने कहा कि कथित पेपर लीक मामले के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया, आंसू गैस छोड़ी गई और कई छात्र घायल होकर अस्पताल पहुंच गए. उन्होंने कहा कि जब उन्होंने राज्यसभा में यह मुद्दा उठाने की कोशिश की तो उनका माइक बंद कर दिया गया.

दिल्ली में छात्रों पर बर्बरता से लाठीचार्ज, पीएम मोदी चुप

खरगे ने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा चाहता है और चर्चा के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को जवाब देना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर किया जा रहा है और सरकार विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है. उनके अनुसार, देशभर से आए लाखों छात्रों की मांगों को सुनना और उन पर चर्चा करना सरकार की जिम्मेदारी है.

ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नम ने पहले ही दिन किए बड़े बदलाव

ब्रिटेन में सत्ता परिवर्तन के बाद नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नम ने मंगलवार को अपनी पहली कैबिनेट बैठक बुलाई. उन्होंने निवर्तमान प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की टीम को हटाकर जॉन हीली को नया वित्त मंत्री और एड मिलिबैंड को विदेश मंत्री नियुक्त किया है. 56 वर्षीय बर्नम ने बकिंघम पैलेस में राजा चार्ल्स तृतीय से मुलाकात कर सरकार प्रमुख की जिम्मेदारी संभाली. 10 डाउनिंग स्ट्रीट से अपने संबोधन में बर्नम ने जीवन यापन की लागत घटाने के लिए 10 साल की योजना, उद्योगों के पुनरुद्धार और बेघर लोगों की समस्या खत्म करने का वादा किया.

10 साल के भीतर ब्रिटेन में छठे पीएम का इस्तीफा

पद संभालते ही बर्नम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक बातचीत शुरू की. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से फोन पर चर्चा की. ट्रंप ने इस बातचीत के बाद व्यापार और सैन्य सहयोग का जिक्र किया. इस बदलाव पर जर्मनी ने भी सकारात्मक रुख दिखाया है. जर्मन चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स ने बर्नम को बधाई देते हुए द्विपक्षीय 'केंसिंग्टन संधि' को आगे बढ़ाने और यूक्रेन को समर्थन जारी रखने पर सहमति जताई.

जर्मनी के विदेश मंत्री योहान वाडेफुल ने उम्मीद जताई कि ब्रिटेन जर्मनी और फ्रांस के साथ 'E3' कूटनीतिक प्रारूप में सक्रिय रहेगा. उन्होंने कहा कि यह मंच ईरान और यूक्रेन संकट को सुलझाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. हालांकि, ब्रिटेन में विपक्षी दलों ने बिना आम चुनाव कराए प्रधानमंत्री बदले जाने पर सवाल उठाए हैं. इसके जवाब में बर्नम ने कहा कि उनकी सरकार का मुख्य लक्ष्य देश में राजनीतिक और आर्थिक स्थिरता कायम करना है.

ईरान पर अमेरिकी हमले दसवें दिन भी जारी, होर्मुज में तनाव बढ़ा

ईरान ने मंगलवार, 21 जुलाई होर्मुज जलडमरूमध्य में एक तेल टैंकर पर हमला किया. इस हमले के बाद चालक दल के सदस्यों को जहाज छोड़ना पड़ा. इसके जवाब में अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमान ने ईरान के सैन्य कमांड सेंटरों, मिसाइल, ड्रोन लॉन्च साइटों और वायु रक्षा प्रणालियों को निशाना बनाकर फिर से हवाई हमले किए हैं. दोनों पक्षों के बीच जारी इन हमलों के कारण इस प्रमुख समुद्री मार्ग से जहाजों की आवाजाही लगभग पूरी तरह ठप हो गई है.

ईरान की चेतावनी, हमले जारी रहे तो कोई बॉर्डर सुरक्षित नहीं बचेगा

इस बीच, जॉर्डन में हुए हमलों में दो अमेरिकी सैनिक मारे गए और एक अन्य लापता है. इराक में भी एक अमेरिकी सैनिक की मौत हुई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर चेतावनी दी है कि हर अमेरिकी सैनिक की मौत का बदला ईरान को भारी कीमत चुका कर देना होगा. इस तनाव के चलते वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर 88 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई हैं.

राजनयिक स्तर पर संघर्ष को रोकने के प्रयास जारी हैं. ईरान के गृह मंत्री पाकिस्तान पहुंचे हैं, जो इस विवाद में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है. हालांकि, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि अमेरिका ईरान से बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन यह वार्ता वास्तविक होनी चाहिए.

सिक्किम की निर्माणाधीन सुरंग में भूस्खलन में कम से कम 9 लोगों की मौत

सिक्किम के नामची जिले के समरडुंग में निर्माणाधीन एनएचपीसी की तीस्ता स्टेज-6 की सुरंग में हुए भूस्खलन में अब तक नौ लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई मजदूरों के अभी भी सुरंग के भीतर फंसे होने की आशंका है. मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए नजदीकी अस्पतालों में भेज दिया गया है. वहीं प्रशासन, राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय बचाव एजेंसियां तथा परियोजना से जुड़े विशेषज्ञ संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हुए हैं.

हिमालय की ग्लेशियर झीलों से हमेशा रहता है बाढ़ का खतरा

जानकारी के अनुसार, यह हादसा सोमवार, 20 जुलाई दोपहर को हुआ. यह सुरंग तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना के तहत पटेल इंजीनियरिंग द्वारा बनाई जा रही है. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सुरंग के भीतर अचानक भूस्खलन हो गया, जिससे सुरंग का एक हिस्सा मलबे से भर गया और कई मजदूर अंदर फंस गए. हादसे के समय सुरंग में निर्माण कार्य चल रहा था.

स्थिति उस समय और अधिक गंभीर हो गई जब सुरंग के भीतर मीथेन गैस का रिसाव शुरू हो गया. गैस के कारण बचाव दलों के लिए सुरंग के अंदर प्रवेश करना अत्यंत जोखिमपूर्ण हो गया है. बचाव अभियान में लगे कर्मियों को विशेष सुरक्षा उपकरणों और गैस मॉनिटरिंग प्रणाली की सहायता से धीरे-धीरे आगे बढ़ना पड़ रहा है. अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक अनुमान में लगभग 27 लोगों के सुरंग में फंसे होने की आशंका जताई गई थी. अब तक सात शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि अन्य मजदूरों की तलाश लगातार जारी है.

जिला प्रशासन ने बताया कि दुर्घटना के कारणों का अभी तक स्पष्ट रूप से पता नहीं चल पाया है.

यूक्रेन से निकले जहाज पर मिसाइल हमला, 4 भारतीयों की मौत

यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना हो रहे वाणिज्यिक मालवाहक जहाज एमवी गोल्डन लियो पर हुए हमले में चार भारतीय नागरिकों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य भारतीय गंभीर रूप से घायल हो गया है. भारत के विदेश मंत्रालय ने सोमवार, 20 जुलाई को जारी बयान में बताया कि जहाज पर कुल 17 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें पांच भारतीय शामिल थे. मंत्रालय ने घटना पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है.

जी7 के देशों का ध्यान अब यूक्रेन युद्ध रोकने पर

यूक्रेन की नौसेना के मुताबिक, तुर्की के स्वामित्व वाला यह जहाज अनाज लेकर ओडेसा बंदरगाह से निकल रहा था, तभी उस पर रूसी मिसाइल से हमला हुआ. यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्रिय सिबिहा ने कहा कि हमले में एक यूक्रेनी समुद्री पायलट और चार चालक दल के सदस्यों की भी मौत हुई. आठ लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जबकि पांच अन्य अब भी लापता बताए जा रहे हैं. यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मृत भारतीय नागरिक उन्हीं लापता लोगों में शामिल थे या नहीं.

भारत ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाना, निर्दोष नागरिक चालक दल की जान खतरे में डालना और समुद्री व्यापार एवं नौवहन की स्वतंत्रता में बाधा उत्पन्न करना निंदनीय है. हाल के दिनों में संघर्ष प्रभावित समुद्री क्षेत्रों में जहाजों पर हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं. पिछले सप्ताह भी भारत ने बढ़ते क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए भारतीय नाविकों की तैनाती को लेकर जहाज मालिकों और भर्ती एजेंसियों को सतर्क रहने की सलाह दी थी.

जंतर-मंतर पर डटे सीजेपी के प्रदर्शनकारी, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर कायम

दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का विरोध प्रदर्शन मंगलवार, 21 जुलाई को 24वें दिन में प्रवेश कर गया. एक दिन पहले हुए “संसद चलो” मार्च के दौरान हिंसक झड़पों और भारी बारिश के बावजूद प्रदर्शनकारी देर रात तक धरने पर डटे रहे. प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग दोहराई.

दिल्ली में छात्रों पर बर्बरता से लाठीचार्ज, पीएम मोदी चुप

सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि सरकार के साथ बातचीत में अब तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है. सोमवार, 20 जुलाई को रांका और सौरव दास ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की थी, लेकिन उसके बाद सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं मिला. रांका ने आरोप लगाया कि बातचीत के नाम पर पांच घंटे बर्बाद किए गए और अब, यदि सरकार संवाद चाहती है तो उसे जंतर-मंतर आकर प्रदर्शनकारियों से बात करनी होगी.

सीजेपी ने साफ किया है कि कथित नीट पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय होने और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे समेत उनकी मांगें पूरी होने तक धरना जारी रहेगा. वहीं सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी अपना अनशन जारी रखने का एलान किया है. उन्होंने कहा कि जब तक छात्र प्रतिनिधियों को संसद सदस्यों से मिलने की अनुमति नहीं दी जाती या उन्हें स्वयं अस्पताल से मुलाकात की इजाजत नहीं मिलती, तब तक वह अपना अनशन समाप्त नहीं करेंगे.