नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) ने मंगलवार, 21 जुलाई 2026 को एक बड़ा फैसला सुनाते हुए जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) को सरकारी सफदरजंग अस्पताल (Safdarjung Hospital) से गुरुग्राम स्थित निजी मेदांता अस्पताल (Medanta Hospital) में तुरंत स्थानांतरित (Shift) करने का आदेश दिया है.
मुख्य न्यायाधीश देवेन्द्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की खंडपीठ ने वांगचुक की पत्नी डॉ. गीतांजलि अंगमो द्वारा दायर अपील पर यह आदेश पारित किया. अदालत ने माना कि संविधान के अनुच्छेद 19 और 21 के तहत किसी भी नागरिक को अपनी पसंद के डॉक्टर और अस्पताल से इलाज कराने का मौलिक अधिकार प्राप्त है. यह भी पढ़ें: Jantar Mantar Student Protest: दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई पर भड़के राहुल गांधी, PM मोदी से माफी की मांग की
'अस्पताल में नजरबंदी जैसा माहौल था'- गीतांजलि अंगमो
उच्च न्यायालय के आदेश के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए डॉ. गीतांजलि अंगमो ने अदालत के फैसले का स्वागत किया और आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा:
"मैं दिल्ली उच्च न्यायालय का बहुत-बहुत धन्यवाद करती हूँ.भारत एक लोकतांत्रिक देश है और यहाँ हर नागरिक को यह चुनने का अधिकार है कि उसका इलाज किस अस्पताल और किस डॉक्टर द्वारा किया जाएगा. जिस तरह से सोनम को सफदरजंग लाया गया और आईसीयू में रखा गया, उससे हमारे मन में भरोसा खत्म हो गया था. वहाँ उन्हें लोगों से मिलने नहीं दिया जा रहा था और यह एक तरह से अवैध हिरासत (Detention) जैसा महसूस हो रहा था."
गीतांजलि अंगमो ने आगे कहा कि उनके पति की स्वास्थ्य स्थिति फिलहाल स्थिर है और वे कल प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्रों के समर्थन में अपना अनशन जारी रखेंगे.
केंद्र सरकार ने कहा: 'मेदांता शिफ्ट करने पर कोई आपत्ति नहीं'
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को सूचित किया कि सरकार को वांगचुक को मेदांता अस्पताल स्थानांतरित करने पर कोई आपत्ति नहीं है.
हालांकि, सॉलिसिटर जनरल ने अदालत से आग्रह किया कि वांगचुक डॉक्टरों की सलाह के बिना अस्पताल से डिस्चार्ज न हों और जब तक मेदांता के डॉक्टर अनुमति न दें, वे लगातार चिकित्सीय निगरानी में रहें.
दिल्ली हाई कोर्ट ने सोनम वांगचुक को मेदांता अस्पताल ले जाने की मंज़ूरी दी; पत्नी ने कहा, 'नागरिक को डॉक्टर चुनने का अधिकार है'
#WATCH | Activist Sonam Wangchuk’s wife, Dr Gitanjali Angmo, says, "I thank Delhi High Court for favourably disposing of this matter. In India, a democratic citizen has the right to choose his choice of doctor and hospital and treatment. Here, we had trust deficit because of the… pic.twitter.com/CfhhCkZJYM
— ANI (@ANI) July 21, 2026
डॉक्टरों की राय और मेडिकल रिपोर्ट
अदालत ने एम्स (AIIMS), सफदरजंग अस्पताल और वांगचुक का इलाज कर रहे निजी डॉक्टरों (डॉ. लांबा) से परामर्श करने और मेडिकल रिपोर्टों का अध्ययन करने के बाद यह निर्णय लिया. रिपोर्ट में वांगचुक के शरीर में पोटेशियम और टीएलसी (TLC) का स्तर कम पाया गया था, जिसके चलते डॉक्टरों में सहमति थी कि उन्हें विशेषज्ञ डॉक्टरों की निरंतर निगरानी की आवश्यकता है.
अदालत ने निर्देश दिया कि सफदरजंग अस्पताल में किए गए इलाज के सभी मेडिकल रिकॉर्ड्स मेदांता अस्पताल को सौंपे जाएंगे और मेदांता के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनके इलाज की जिम्मेदारी संभालेगी.













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