कन्नूर (केरल), 19 सितंबर केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने विभिन्न मुद्दों पर राज्य सरकार के खिलाफ आरोप लगाने के लिए सोमवार को राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान पर निशाना साधा और उन्हें वामपंथ के खिलाफ दुष्प्रचार करने वाला करार दिया। साथ ही मुख्यमंत्री ने राज्यपाल से सरकार को निशाना बनाने वाले विपक्षी नेताओं के स्तर तक नहीं गिरने का आग्रह किया।
खान ने राजभवन में संवाददाता सम्मेलन में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार पर निशाना साधा था, जिसके कुछ ही घंटे बाद माकपा के वरिष्ठ नेता विजयन ने खान पर पूर्व में आरएसएस के प्रति विनम्रता दिखाने का आरोप लगाया और कहा कि उन्हें केरल के वामपंथी आंदोलन के इतिहास को समझना चाहिए।
विजयन ने पार्टी के एक कार्यक्रम में कहा कि वामपंथ के खिलाफ दुष्प्रचार करने वाले खान को पता होना चाहिए कि साल 1957 में चुनाव के जरिए राज्य में सत्ता में आने से पहले वामपंथियों को दमन का सामना करना पड़ा था।
विजयन ने कहा कि राज्यपाल का पद एक संवैधानिक जिम्मेदारी है, न कि वह पद जिससे कोई व्यक्तिगत राय व्यक्त करता है।
इससे पहले दिन में राज्यपाल ने मीडिया से बात करते हुए आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ वाम मोर्चे की वामपंथी विचारधारा देश के बाहर से यहां लाई गई है और यह असहमति को दबाने के लिए बल प्रयोग की अनुमति देती है।
विजयन ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि आरएसएस की विचारधारा इटली में प्रचलित फासीवाद और साम्यवाद और एडॉल्फ हिटलर के विचारों पर आधारित है और ईसाई व इस्लाम धर्म के खिलाफ है।
उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस इन विचारधाराओं का अध्ययन करने के लिए वहां गया और उन्हें यहां ले आया।
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