कोच्चि (केरल), छह नवंबर कोच्चि के समीप करीब एक सप्ताह पहले एक ईसाई धार्मिक सभा में हुए विस्फोटों में घायल 61 वर्षीय महिला के दम तोड़ने के बाद इस घटना में मारे गए लोगों की संख्या बढ़कर चार हो गई है।
अस्पताल के एक प्रवक्ता ने बताया कि कलमशेरी की निवासी मॉली जॉय की सोमवार तड़के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई।
वह 29 अक्टूबर को हुए विस्फोटों में 70 प्रतिशत से अधिक झुलस गई थीं और उन्हें ‘वेंटिलेटर सपोर्ट’ पर रखा गया था।
प्रवक्ता ने बताया कि महिला का शुरू में किसी अन्य निजी अस्पताल में उपचार हुआ था और बाद में उन्हें एर्नाकुलम चिकित्सा केंद्र लाया गया।
बाद में चिकित्सा बोर्ड द्वारा जारी किये गये मेडिकल बुलेटिन में बताया गया कि फिलहाल 19 लोगों का इलाज चल रहा है जिनमें 11 आईसीयू में एवं आठ वार्ड में हैं। बुलेटिन के अनुसार दो लोगों की हालत अब भी नाजुक है।
बुलेटिन में बताया गया है कि ‘इस घटना में गंभीर रूप से घायल हो गयी इस महिला की एर्नाकुलम चिकित्स केंद्र में सुबह पांच बजकर आठ मिनट पर मौत हो गयी।’’
एर्नाकुलम जिले के मलयत्तूर निवासी 12 वर्षीय लड़की लिबिना ने भी 30 अक्टूबर को कलमशेरी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दम तोड़ दिया था।
धार्मिक सभा में विस्फोटों में दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई थी।
केरल के इस तटीय शहर के निकट अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र में हुए विस्फोटों के दौरान 50 से अधिक लोग घायल हो गए थे।
ये सभी ‘यहोवा के साक्षी’ समुदाय के अनुयायियों द्वारा आयोजित तीन दिवसीय प्रार्थना सभा के आखिरी दिन के लिए एकत्रित हुए थे। ‘यहोवा के साक्षी’ एक ईसाई धार्मिक संप्रदाय है, जिसकी उत्पत्ति 19वीं शताब्दी में अमेरिका में हुई थी।
‘यहोवा के साक्षी’ समुदाय के सदस्य रहे एक व्यक्ति ने घटना के कुछ घंटे बाद त्रिशूर जिले में पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया था और दावा किया था कि उसने ही कई विस्फोट किए थे। पुलिस ने बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया था।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY