देश की खबरें | अफगानिस्तान की स्थिति पर करीबी नजर, भारतीय मिशन खुले हैं और काम कर रहे हैं : विदेश मंत्रालय

नयी दिल्ली, 8 जुलाई भारत ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह अफगानिस्तान में उभरती सुरक्षा स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है। साथ ही स्पष्ट किया कि उस देश में भारतीय मिशन एवं वाणिज्य दूतावास खुले हैं तथा काम कर रहे हैं। वहीं, हाफिज सईद के घर के बाहर हुए विस्फोट में भारत का हाथ होने के पाकिस्तान के आरोप पर कहा कि भारत के खिलाफ निराधार दुष्प्रचार करना पाकिस्तान के लिए कोई नई बात नहीं है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने डिजिटल माध्यम से संवाददाताओं से बातचीत में यह जानकारी दी । प्रवक्ता से उन खबरों के बारे में पूछा गया था जिसमें यह कहा गया है कि अफगानिस्तान में हिंसा में वृद्धि को देखते हुए भारत वहां अपने मिशनों को बंद कर रहा है ।

इससे पहले पिछले मंगलवार को काबुल स्थित भारतीय उच्चायोग ने भी इन खबरों को ‘गलत’ बताया था ।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत अफगानिस्तान में उभरती स्थिति पर नजर रखे हुए है और इन खबरों के बारे में काबुल में हमारे उच्चायोग ने भी स्थिति स्पष्ट कर दी थी ।

बागची ने कहा , ‘‘ काबुल में भारतीय उच्चायोग, कंधार एवं मजार में वाणिज्य दूतावास खुले हैं और काम कर रहे हैं । ’’

उन्होंने कहा कि हम हालांकि सावधानीपूर्वक अफगानिस्तान में खराब होती सुरक्षा स्थिति पर नजर रखे हुए हैं । हमारी प्रतिक्रिया इस बात पर निर्भर करेगी कि चीजें किस तरह आगे बढ़ती हैं ।

गौरतलब है कि मंगलवार को काबुल में भारतीय उच्चायोग ने अपने ट्वीट में कहा कि वह उभरती सुरक्षा स्थिति खास तौर पर कंधार और मजार के आसपास के शहरों की स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए हैं ।

इसमें कहा गया है, ‘‘ अफगानिस्तान में भारत द्वारा उच्चायोग और वाणिज्य दूतावास बंद करने संबंधी खबर गलत है ।

गौरतलब है कि अफगानिस्तान के कई हिस्सों में हिंसा में बढ़ोतरी के मद्देनजर भारतीय दूतावास ने हाल ही में एक परामर्श जारी करके देश में रह रहे और वहां काम कर रहे सभी भारतीयों को गैर जरूरी यात्राओं से बचने को कहा था।

परामर्श में दूतावास ने कहा था कि अफगानिस्तान में कई प्रांतों में सुरक्षा की स्थिति “खतरनाक” बनी हुई है और आतंकवादी गुटों ने हिंसक गतिविधियां बढ़ा दी हैं तथा आम नागरिकों को निशाना बनाकर हमले की घटनाएं हो रही हैं। दूतावास की ओर से कहा गया कि भारतीय नागरिकों को अगवा किये जाने का खतरा है।

अफगानिस्तान में पिछले कुछ सप्ताहों में हिंसा एवं हमलों की अनेक घटनाएं सामने आई है । ये घटनाएं ऐसे समय घटी हैं जब अमेरिका 11 सितंबर तक अफगानिस्तान से पूरी तरह से अपने सैनिकों को वापस बुलाना चाहता है जिससे इस युद्धग्रस्त देश में दो दशकों से जारी अमेरिकी सैन्य उपस्थिति समाप्त हो जायेगी ।

भारत हिंसा की बढ़ती घटनाओं तथा तालिबान द्वारा अफगानिस्तान में अपने प्रभाव को बढ़ाने के प्रयासों को लेकर काफी चिंतित है ।

अफगानिस्तान में शांति एवं स्थिरता में भारत महत्वपूर्ण पक्षकार है । भारत ने इस देश में विकास कार्यो में करीब 3 अरब डालर का निवेश किया है । भारत ने हमेशा अफगानिस्तान नीत, नियंत्रित एवं उसके स्वामित्व वाली शांति प्रक्रिया के समर्थन की बात कही है ।

उधर, विदेश मंत्रालय ने हाफिज सईद के घर के बाहर हुए विस्फोट में भारत का हाथ होने के पाकिस्तान के आरोप पर कहा कि भारत के खिलाफ निराधार दुष्प्रचार करना पाकिस्तान के लिए कोई नई बात नहीं है। विदेश मंत्रालय ने लाहौर में हुए विस्फोट के संबंध में पाकिस्तान के दावे पर कहा कि पाकिस्तान को अपने घर को ठीक करने पर ध्यान देना चाहिए, आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।

दीपक

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