देश की खबरें | कश्मीरी पंडित कर्मचारियों ने घाटी के बाहर सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किए जाने की मांग की

श्रीनगर, 14 मई जम्मू-कश्मीर में कश्मीरी पंडित कर्मचारियों के एक समूह ने हाल के समय में निशाना बनाकर की जा रही हत्याओं के खिलाफ शनिवार को यहां श्रीनगर में विरोध प्रदर्शन किया और उन्हें कश्मीर घाटी से बाहर सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की मांग की।

दरअसल, कुछ दिन पहले बडगाम जिले में राहुल भट नामक एक कश्मीरी पंडित की आतंकवादियों ने गोली मार कर हत्या कर दी थी।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि राहुल भट की हत्या के बाद कश्मीरी पंडित कर्मचारियों के आवास शिविरों को बंद कर दिया गया है। उन्होंने मांग की कि अधिकारी उन पर इस तरह के प्रतिबंध हटा दें।

गौरतलब है कि कश्मीरी पंडित समुदाय के लोगों को प्रधानमंत्री के विशेष रोजगार पैकेज के तहत कश्मीर घाटी में तैनात किया गया है।

वेसु ट्रांजिट शिविर में रहने वाले ऐसे कर्मचारियों ने रविवार तक प्रशासन की ओर से प्रतिबंध नहीं हटाए जाने पर बडगाम के शेखपुरा में ट्रांजिट आवास तक मार्च करने की धमकी दी।

प्रधानमंत्री रोजगार पैकेज के कर्मचारियों के मंच ने संभागीय आयुक्त पी के पोले को लिखे पत्र में कहा, "हम, वेसु ट्रांजिट शिविर के कर्मचारियों ने कल सुबह अपने भाइयों और बहनों के साथ एकजुटता से शेखपुरा और वीरवान कॉलोनी तक मार्च करने का फैसला किया है।"

उन्होंने कहा कि एकजुटता और समर्थन पाने के बजाय, प्रदर्शनकारी कर्मचारियों को राहुल भट हत्या के खिलाफ नाराजगी व्यक्त करने के लिए आंसू गैस के गोले, लाठीचार्ज, नजरबंदी और गिरफ्तारी का सामना करना पड़ रहा है।

इस बीच, कश्मीरी पंडित समुदाय के सदस्यों और पुलिस के बीच बारामूला जिले में हिंसक झड़प हुई।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)