नयी दिल्ली, 16 जुलाई जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिला स्थित एक शिविर में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के एक जवान ने शनिवार को अपने तीन सहकर्मियों को गोली मारकर घायल कर दिया और बाद में गोली मारकर आत्महत्या कर ली। अधिकारियों ने यह जानकारी दी है।
यह घटना जिले के देविका घाट सामुदायिक केंद्र पर अपराह्न साढ़े तीन बजे हुई।
आईटीबीपी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कांस्टेबल भूपेंद्र सिंह ने अपने साथियों पर गोलियां चलाईं, जिसमें एक हेड कांस्टेबल और दो कांस्टेबल घायल हो गये।
उन्होंने बताया कि तीनों को घायल अवस्था में एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है और अब वे खतरे से बाहर बताये जा रहे हैं।
अधिकारी के अनुसार, कांस्टेबल सिंह ने अपनी इंसास सर्विस राइफल से खुद को गोली मारी और उसकी घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गयी।
सिंह आईटीबीपी की आठवीं बटालियन में कार्यरत थे और फिलहाल जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा ड्यूटी के तहत बल की दूसरी तदर्थ बटालियन की एफ कंपनी में तैनात थे।
अधिकारी ने बताया कि प्रारम्भिक सूचना के अनुसार जवानों के बीच कहासुनी हो गई थी, लेकिन इस घटना के लिए जिम्मेदार वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है।
अधिकारी ने बताया कि आईटीबीपी की ओर से कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दिये गये हैं।
देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न भूमिकाएं निभाने के अलावा आईटीबीपी की मुख्य जिम्मेदारी चीन के साथ लगती भारत की 3488 किलोमीटर लंबी सीमा की रक्षा करना है, जिसे वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के नाम से जाना जाता है।
यह घटना केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में घटित ऐसी ही एक घटना के एक दिन बाद हुई, जिसमें सेना के एक जवान ने आत्महत्या करने से पहले अपने एक सहयोगी की गोली मारकर हत्या कर दी थी तथा दो अन्य को घायल कर दिया था।
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