उन्होंने दावा किया कि भाजपा के पास जम्मू कश्मीर और दक्षिण भारत के राज्यों में चुनाव जीतने की क्षमता नहीं है।
उन्होंने देश में जाति आधारित जनगणना कराने की मांग की।
जनता दल (यूनाइटेड) के कौशलेंद्र कुमार ने इस विधेयक को स्वागत योग्य बताया और देश में जातीय जनगणना कराने की मांग की।
उन्होंने कहा कि सरकार ने जम्मू कश्मीर में जल्द चुनाव कराने की बात कही थी, लेकिन अभी तक स्थिति में बदलाव नहीं है।
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के मलूक नागर ने कहा कि पहले कश्मीर के गुर्जर बक्करवाल समुदाय के वोट लिये जाते थे लेकिन सुविधाएं नहीं दी जाती थीं, लेकिन अनुच्छेद 370 हटने के बाद इस समुदाय के लोगों को सुविधाएं दी जा रही हैं।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की सुप्रिया सुले ने कहा कि कश्मीर कठिन यात्रा से गुजरा है और वहां जल्द निष्पक्ष चुनाव कराये जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार को राज्य में एक समुदाय को आरक्षण देने के बजाय पूरे राज्य में समग्र आरक्षण के लिए कोई विधेयक लाना चाहिए।
सुले ने कहा कि महाराष्ट्र में मराठा और लिंगायत समेत कुछ समुदाय आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, अन्य राज्यों में भी इस तरह की मांग हो रही है और सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
सुले ने कहा, ‘‘जम्मू कश्मीर में हालात पहले से बेहतर जरूर हैं। सही चीज माननी चाहिए। इसलिए मैं सरकार की सराहना करती हूं, लेकिन अभी बहुत काम करने की जरूरत है।’’
उन्होंने जम्मू कश्मीर में पिछले कुछ महीनों में आतंकवादी हमलों में सेना के अधिकारियों और जवानों की शहादत का जिक्र करते हुए सरकार से इस ओर ध्यान देने की मांग की।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के हसनैन मसूदी ने चर्चा में शामिल होते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर को विभाजित करने और वहां से अनुच्छेद 370 हटाने का मुद्दा अदालत में विचाराधीन है, ऐसे में सरकार को इस विधेयक को लाने के लिए अदालत के फैसले का इंतजार करना चाहिए था।
उन्होंने दावा किया कि सरकार को संविधान के तहत किसी राज्य को दो हिस्सों में बांटने का अधिकार ही नहीं है।
उन्होंने कहा कि संसद में वादा किया गया था कि जम्मू कश्मीर की विधानसभा को बहाल किया जाएगा, लेकिन राज्य की बात यहां संसद में हो रही है।
मसूदी ने कहा कि यदि पांच अगस्त, 2019 को जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 समाप्त होने के बाद सबकुछ ठीक होने का सरकार का दावा सही है तो वहां अब तक चुनाव क्यों नहीं कराये गये।
उन्होंने केंद्रशासित प्रदेश में तत्काल चुनाव कराने की मांग दोहराई।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY