उनका कहना था कि जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को निष्प्रावी किए जाने के बाद से केंद्रशासित प्रदेश का चौतरफा विकास हुआ है।
उन्होंने कहा कि चुनाव से ज्यादा जरूरी लोगों की सुरक्षा है तथा आज जम्मू-कश्मीर पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित है।
नामग्याल ने कहा कि जम्मू कश्मीर को देश को स्थायी रूप से जोड़ दिया गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘पहले जम्मू कश्मीर के युवाओं के हाथ में पत्थर दिए जाते थे, लेकिन मोदी जी ने उनके हाथों से पत्थर छीनकर कम्यूटर और बल्ला एवं गेंद थमा दिया है।’’
कांग्रेस के मनीष तिवारी ने कहा कि एक कानून जिसकी वैधानिकता को चुनौती दी गई है, जब तक उच्चतम न्यायालय से उस पर फैसला नहीं आ जाता तब तक संशोधन का कोई विधेयक नहीं लाया जाना चाहिए था।
तिवारी ने कहा कि पांच-छह अगस्त, 2019 को इस सदन में जो हुआ उसकी अनुमति संविधान नहीं देता।
उनका कहना था कि संविधान यह अनुमति नहीं देता कि आप किसी प्रदेश को दो केंद्रशासित प्रदेश में बांट दें तथा संविधान के अनुसार, ऐसा कोई कदम उठाने से पहले संबंधित राज्य की विधानसभा की अनुमति अनिवार्य है।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि संवैधानिक नैतिकता का तकाजा यह है कि इन विधेयक को सदन में नहीं लाया जाना चाहिए था।
तिवारी ने वर्ष 2018 में जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल शासन का उल्लेख किया और वैधानिकता पर सवाल खड़ा किए।
इस पर गृह मंत्री अमित शाह ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि राष्ट्रपति शासन लगाने की शुरुआत कांग्रेस ने की थी। उन्होंने कहा, ‘‘ये (तिवारी) विद्वान वकील हैं, मुझे नहीं पता कि ऐसी बात क्यों कर रहे हैं? इस तरह की बात वकील को नहीं करनी चाहिए।’’
तिवारी ने कहा कि गृह मंत्री को सदन को बताना चाहिए कि जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव कब होगा, लोकसभा चुनाव के साथ होगा या उसके बाद होगा?
उन्होंने कहा, ‘‘गृह मंत्री ने बयान दिया था कि जम्मू कश्मीर के पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल किया जाएगा...सरकार का मानना है कि 2019 से लेकर 2023 तक परिस्थितियां सामान्य हो गई हैं। अगर ऐसा है तो पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल क्यों नहीं कर देते।’’
चर्चा में भाग लेते हुए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि जम्मू कश्मीर को लेकर वो लोग सवाल कर रहे हैं जिन्होंने 60-70 साल तक जम्मू-कश्मीर में कानून का दुरुपयोग किया है।
उन्होंने कहा, ‘‘पंडित जवाहरलाल नेहरू ने कहा था कि 370 धीरे-धीरे घिस जाएगा। कांग्रेस को तो प्रधानमंत्री मोदी का धन्यवाद करना चाहिए कि नेहरू के अधूरे काम को पूरा किया।’’
मंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों ने अनुच्छेद 370 को सबसे लंबे समय तक संरक्षण दिया उन्हीं लोगों ने इसका सबसे ज्यादा दुरुपयोग भी किया।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला ने सिंह के वक्तव्य के दौरान हस्तक्षेप करते हुए कहा, ‘‘सबसे ज्यादा कुर्बानियां नेशनल कॉन्फ्रेंस ने दी हैं ताकि भारत के झंडे को ऊंचा रखा जा सके। हमने हमेशा कहा है कि हम भारत का हिस्सा हैं। हम इस देश का हिस्सा हैं, लेकिन हम सिर्फ इंसाफ चाहते हैं।’’
सिंह ने कहा कि लद्दाख में सबसे पहले केंद्रशासित प्रद्रेश बनाने की मांग 1948 में उठी थी, लेकिन नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद यह मांग पूरी हुई।
विपक्ष के जम्मू कश्मीर में जल्द चुनाव कराने की मांग पर मंत्री ने कहा, ‘‘आप निर्वाचन आयोग से पूछ सकते हैं, हमसे नहीं। हम तैयार हैं। भाजपा का कार्यकर्ता तैयार है...हम संवैधानिक संस्थाओं के काम में दखल नहीं देते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जब भी आयोग चुनाव की घोषणा करेगा, हम तैयार हैं।’’
जारी हक
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