बेंगलुरु, 11 सितंबर कर्नाटक के परिवहन मंत्री रामलिंगा रेड्डी से ज्यादातर मांग मान लिए जाने का आश्वासन मिलने के बाद कर्नाटक राज्य निजी परिवहन महासंघ ने सोमवार दोपहर शहर में अपनी एक दिवसीय हड़ताल वापस ले ली।
मंत्री ने कहा कि महासंघ की 30 मांगों में से 27 पर वह सहमत हैं और बाकी तीन का संबंध शक्ति योजना, ऑटो चालकों को मासिक अनुदान तथा 10 लाख रुपये से 15 लाख रुपये मूल्य के वाहनों पर कर छूट से है।
सोमवार को, हड़ताल वापस लिए जाने से पहले सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा और यात्रियों, कार्यालय जाने वालों तथा विद्यार्थियों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए ऑटो रिक्शा एवं कैब की सुविधा हासिल करने में परेशानी हुई।
बेंगलुरु यातायात पुलिस ने यातायात परामर्श जारी किया था लेकिन आज सुबह मैजेस्टिक क्षेत्र से फ्रीडम पार्क तक महासंघ के सदस्यों द्वारा विरोध मार्च निकाले जाने के कारण शहर के कई हिस्सों में वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। महासंघ में कुल 32 निजी परिवहन संघ शामिल हैं।
रेड्डी ने फ्रीडम पार्क में महासंघ के सदस्यों से भेंट की तथा उन्हें आश्वासन दिया कि 30 में से 27 मांगें वह मान लेंगे।
मंत्री ने संवाददाताओं से कहा कि सरकार निजी परिवहन संघों की सभी मांगों को मान लेने का प्रयास करेगी।
महासंघ द्वारा सौंपी गयी 30 मांगों की सूची पर रेड्डी ने कहा कि उनमें दो का संबंध शक्ति योजना से है तथा एक अन्य कर मुद्दे से संबंधित है तथा उनके द्वारा की गईं चार अन्य मांगों का मामला अदालत में है।
उन्होंने कहा, ‘‘स्थगन हासिल करने के लिए हमें अदालत में कानूनी लड़ाई के वास्ते एक वकील नियुक्त करना होगा। अन्य मांग वित्तीय कवर (उन्हें हुए वित्तीय नुकसान) के संबंध में है जिसके बारे में मुख्यमंत्री को फैसला करना है। उन्होंने पृथक परिवहन बोर्ड की मांग की है और वे हवाई अड्डे पर इंदिरा कैंटीन की मांग कर रहे हैं। उन्होंने निजी टैक्सी मालिकों के लिए ऋण सुविधा मांगी है। अन्य मांग ऐप आधारित कैब सेवा ओला और उबर को लेकर हैं। यह मामला अब भी अदालत में लंबित है।’’
रेड्डी ने पीटीआई- से कहा कि 30 में वह 27 मांगों को पूरा करने पर सहमत हो गये हैं लेकिन उन्हें कुछ मांगों को पूरा करने के लिए समय चाहिए।
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