बेलगावी, 15 दिसंबर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने शुक्रवार को ऐलान किया कि प्रदेश के पिछड़े तालुकों की स्थिति का अध्ययन करने के लिए एक प्रख्यात अर्थशास्त्री की अध्यक्षता में सरकार एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति का गठन करेगी।
कर्नाटक विधानसभा में उत्तर कर्नाटक के विकास पर चर्चा करते हुये मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने कहा, ‘‘प्रदेश के एक प्रसिद्ध अर्थशास्त्री की अध्यक्षता में मैं एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति का गठन करने जा रहा हूं ।’’
प्रदेश के विजयपुरा से भाजपा विधायक, बसनगौड़ा पाटिल यतनाल ने इस फैसले का स्वागत किया, लेकिन मुख्यमंत्री से रिपोर्ट पेश करने के लिए समय सीमा निर्धारित करने के लिए कहा।
इसके जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समिति को छह महीने के भीतर रिपोर्ट पेश करने के लिये कहा जायेगा।
सिद्धरमैया ने कहा कि प्रख्यात अर्थशास्त्री डी एम नंजुनदप्पा ने 2002-03 में 114 पिछड़े तालुकों को 31 हजार करोड़ रुपये आवंटित किये जाने की सिफारिश की थी।
इसमें कहा गया था कि इन तालुकों को आठ वर्षों के लिए विशेष अनुदान के रूप में प्रति वर्ष 2,000 करोड़ रुपये दिए जाने चाहिए जबकि अन्य तालुकों के साथ असमानता को समाप्त करने के लिए शेष 15,000 करोड़ रुपये राज्य के बजट से जुटाए जाने चाहिए ।
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन यह सिफ़ारिश 2007-08 में लागू हुई थी।’’
मुख्यमंत्री ने अफसोस जताया कि 2014-15 के अंत तक इन तालुकों पर 31,000 करोड़ रुपये की राशि खर्च नहीं की जा सकी।
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