देश की खबरें | कर्नाटक सरकार ‘‘एससी-एसटी विरोधी’’ है: राहुल गांधी

बेल्लारी (कर्नाटक), 15 अक्टूबर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि यह सरकार अनुसूचित जाति (एससी) और जनजाति (एसटी) विरोधी है और इसे ‘‘40 प्रतिशत कमीशन’’ वाली सरकार कहा जाता है।

गांधी ने यहां ‘भारत जोड़ो यात्रा’ को संबोधित करते हुए कहा कि कर्नाटक में भाजपा नीत सरकार ‘‘एससी और एसटी विरोधी’’ है और इन उत्पीड़ित लोगों के खिलाफ अत्याचार में 50 फीसदी की वृद्धि हुई है।

गांधी के नेतृत्व में पैदल मार्च के एक हजार किलोमीटर की दूरी तय होने पर बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और लोग यहां नगरपालिका मैदान में इकट्ठा हुए। गांधी ने आरोप लगाया कि राज्य में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार को ‘‘40 प्रतिशत कमीशन’’ वाली सरकार कहा जाता है, क्योंकि इसका भुगतान करके कोई भी काम किया जा सकता है।

सत्तारूढ़ भाजपा और मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने रिश्वत के ऐसे आरोपों को ‘निराधार’ और ‘बेतुका’ बताते हुए खारिज कर दिया है। भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर भाजपा नीत सरकार के खिलाफ कर्नाटक में कांग्रेस के निरंतर अभियान की पृष्ठभूमि में राहुल गांधी ने रिश्वतखोरी के आरोप लगाए हैं।

तत्कालीन ग्रामीण विकास और पंचायत राज मंत्री के ईश्वरप्पा पर 40 फीसदी रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए एक ठेकेदार संतोष पाटिल की आत्महत्या के बाद कांग्रेस ने राज्य में भ्रष्टाचार को चुनावी मुद्दा बनाया है। ठेकेदार की मृत्यु के बाद, ईश्वरप्पा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद कांग्रेस ने ‘पेसीएम’ अभियान भी शुरू किया।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष गांधी ने आरोप लगाया कि एससी और एसटी समुदायों के कल्याण के लिए आवंटित धन को स्थानांतरित किया गया है। गांधी ने दावा किया, ‘‘आपके 8,000 करोड़ रुपये धन को दूसरे मद में लगाया गया है।’’

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘अगर आपको पुलिस उप निरीक्षक बनना है, तो आप 80 लाख रुपये देकर इसे प्राप्त कर सकते हैं। अगर आपके पास पैसा है तो आप यहां सरकारी नौकरी खरीद सकते हैं, लेकिन अगर आपके पास पैसा नहीं है तो आपको जीवन में कभी भी नौकरी नहीं मिल सकती है।’’

कांग्रेस नेता हाल में सामने आए पुलिस उप निरीक्षक भर्ती घोटाले का जिक्र कर रहे थे जिसमें कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसमें कुछ उम्मीदवारों के अलावा अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अमृत पॉल, कुछ उपाधीक्षक, निरीक्षक, उप निरीक्षक, कांस्टेबल, भाजपा नेता दिव्या हागार्गी और एक कांग्रेस विधायक के गनमैन शामिल हैं। घोटाला सामने आने के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई। गिरफ्तार किए गए उम्मीदवारों ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि उन्होंने नौकरी पाने के लिए 70 लाख रुपये से 80 लाख रुपये का भुगतान किया।

गांधी ने कहा, ‘‘यही कारण है कि कर्नाटक सरकार को 40 प्रतिशत कमीशन वाली सरकार कहा जाता है। अगर आपको कोई काम करवाना है, तो 40 फीसदी कमीशन देकर करवा सकते हैं।’’

गांधी ने सहकारी बैंकों में और सहायक प्रोफेसर की नियुक्ति में भी घोटाले का आरोप लगाया। वायनाड के सांसद ने सवाल किया कि भाजपा सरकार अनुसूचित जाति के लिए आरक्षण को 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 17 प्रतिशत और अनुसूचित जनजातियों के लिए तीन प्रतिशत से सात प्रतिशत करने की न्यायमूर्ति नागमोहन दास आयोग की सिफारिश को लागू क्यों नहीं कर रही है।

गांधी ने कहा कि भाजपा कभी भी तत्कालीन हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र को विशेष दर्जा नहीं देना चाहती थी, जिसे अब कल्याण कर्नाटक के नाम से जाना जाता है। कांग्रेस नेता ने कहा कि उनकी पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार ने संविधान के 371-जे के तहत इस क्षेत्र को विशेष दर्जा दिया, जिससे युवाओं को नौकरी पाने और इंजीनियरिंग, मेडिकल और अन्य पेशेवर कॉलेजों में प्रवेश दिलाने में मदद मिली। उन्होंने देश को कमजोर करने वाली ‘‘घृणा’’ की विचारधारा के लिए भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की आलोचना की।

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने संबोधन में कहा कि देश ‘‘फासीवादी’’ ताकतों से चुनौतियों का सामना कर रहा है। गहलोत ने ‘‘सांप्रदायिक ताकतों’’ की निंदा करते हुए दावा किया कि लोग बेरोजगारी और मूल्य वृद्धि के कारण पीड़ित हैं।

कांग्रेस नेता गहलोत ने दावा किया कि लोग बेरोजगारी और महंगाई से पीड़ित हैं। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने भाजपा और आरएसएस पर ‘सांप्रदायिक’ राजनीति में शामिल होकर देश में ‘शांति भंग’ करने का आरोप लगाया। कांग्रेस अध्यक्ष पद के उम्मीदवार मल्लिकार्जुन खरगे जिले में चल रही यात्रा में गांधी और अन्य नेताओं के साथ शामिल हुए।

‘भारत जोड़ो’ यात्रा का नेतृत्व करते हुए, गांधी अब तक तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक के साथ आंध्र प्रदेश से भी गुजरे हैं। पैदल मार्च सात सितंबर को तमिलनाडु के कन्याकुमारी से शुरू हुआ और लगभग 3,500 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद यह जम्मू-कश्मीर में समाप्त होने वाला है।

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