नयी दिल्ली, 10 फरवरी पूंजी बाजार नियामक सेबी ने सोमवार को एसएमई कंपनी कलाहरिधान ट्रेंड्ज और उसके प्रवर्तकों को खुलासा नियमों का उल्लंघन करने के लिए प्रतिभूति बाजार से प्रतिबंधित कर दिया।
कलाहरिधान ट्रेंड्ज लिमिटेड (केटीएल) को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के लघु और मझोले उद्यम मंच ‘एसएमई इमर्ज’ पर पिछले साल फरवरी में सूचीबद्ध किया गया था।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने एक अंतरिम आदेश एवं कारण बताओ नोटिस में कहा कि केटीएल के साथ उसके प्रवर्तकों- निरंजन डी अग्रवाल, आदित्य एन अग्रवाल और सुनीता निरंजन अग्रवाल को भी अगले आदेश तक बाजार से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
सेबी ने केटीएल और उसके प्रवर्तकों को यह बताने का भी निर्देश दिया कि उनके खिलाफ प्रतिबंध के उपयुक्त निर्देश क्यों नहीं जारी किए जाने चाहिए।
सेबी को एचडीएफसी बैंक से केटीएल के खिलाफ क्रेडिट कार्ड बकाया भुगतान में चूक के बारे में कुछ शिकायतें मिली थीं। उसके बाद सेबी ने विभिन्न सेबी नियमों के उल्लंघन का पता लगाने के लिए मामले की जांच शुरू की। यह जांच 23 फरवरी, 2024 से 15 दिसंबर, 2024 तक की अवधि के लिए की गई।
सेबी ने अपनी जांच में पाया कि केटीएल एचडीएफसी बैंक को अपने बकाया के पुनर्भुगतान में चूक के बारे में सूचित करने में प्रथम दृष्टया विफल रही है। इसके साथ ही कंपनी ने प्रथम दृष्टया अपने विस्तार/लाभप्रदता और बांग्लादेश की एक काल्पनिक इकाई से बड़े खरीद ऑर्डर प्राप्त करने के बारे में झूठी और भ्रामक घोषणाएं भी की।
आदेश के मुताबिक, इस तरह से काम करने वाली कलाहरिधान ट्रेंड्ज लिमिटेड प्रतिभूति बाजार में धोखाधड़ी और अनुचित व्यापार व्यवहार में लिप्त है।
नियामक ने यह भी पाया कि गुजरात स्थित कलाहरिधान ट्रेंड्ज़ एलओडीआर (सूचीबद्धता दायित्व और प्रकटीकरण आवश्यकताएं) नियमों के तहत अनुपालन अधिकारी नियुक्त करने में विफल रहा है।
सेबी के मुताबिक, ऐसी आशंका है कि इस मामले में शामिल प्रवर्तक अपने शेयर बेचना शुरू कर सकते हैं और कंपनी से बाहर निकल सकते हैं जिससे भोले-भाले निवेशक मुश्किल में पड़ सकते हैं।
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