इस्लामाबाद, 13 अगस्त पाकिस्तान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री नियुक्त किये गये अनवार-उल-हक काकड़ सत्तारूढ़ गठबंधन के कई नेताओं के लिए एक ‘चकित’ करने वाले उम्मीदवार रहे और यहां तक कि उन्हें नामित करने के दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने वाले नेता भी उनकी उम्मीदवारी से अनजान थे। मीडिया में आई एक खबर में एक राजनेता के हवाले से रविवार को यह जानकारी दी गई।
प्रधानमंत्री कार्यालय के एक बयान के अनुसार, पहली बार सीनेटर बने काकड़ के नाम पर सहमति निवर्तमान प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और भंग नेशनल असेंबली में नेता प्रतिपक्ष रहे राजा रियाज अहमद के बीच, तीन दिनों की निर्धारित अवधि के दौरान अंतिम दिन की बातचीत के दौरान बनी।
काकड़ (52) बलूचिस्तान के पश्तून समुदाय से हैं और बलूचिस्तान अवामी पार्टी (बीएपी) के सदस्य हैं। बीएपी को देश के शक्तिशाली सैन्य प्रतिष्ठान का करीबी माना जाता है।
डॉन अखबार ने निवर्तमान सत्तारूढ़ गठबंधन के एक सदस्य के हवाले से कहा, ‘‘काकड़ का नाम कहीं और से आया था और इसे सभी हितधारकों को स्वीकार करना था।’’ राजनेता संभवत: शक्तिशाली सैन्य प्रतिष्ठान का जिक्र कर रहे थे।
उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि काकड़ की उम्मीदवारी से गठबंधन के कई नेताओं को ‘चकित’ करने वाला कदम था, यहां तक कि काकड़ को नामित करने के दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने वाले नेता भी उनके नाम से अनजान थे।
पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के नेता सैयद खुर्शीद शाह ने स्वीकार किया है कि किसी को भी इस बात की जानकारी नहीं थी कि काकड़ कार्यवाहक प्रधानमंत्री बनेंगे।
उन्होंने कहा कि पीपीपी ने तीन नाम प्रस्तावित किये थे और वे बेहतर विकल्प थे। उन्होंने कहा, ‘‘इस तथ्य की परवाह किए बिना कि काकड़ का नाम कहां से आया है, हमें सर्वश्रेष्ठ की उम्मीद करनी चाहिए।’’
हालांकि, रियाज ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैंने यह नाम सुझाया था और प्रधानमंत्री ने इस नाम पर सहमति जताई... प्रधानमंत्री और मैंने हस्ताक्षर किए हैं।’’
काकड़ वर्ष 2018 में सीनेट के लिए चुने गए और काफी सक्रिय राजनेता रहे हैं। उच्च सदन के लिए चुने जाने से पहले उन्होंने बलूचिस्तान प्रांतीय सरकार के प्रवक्ता के रूप में भी सेवा दी।
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