विदेश की खबरें | काबुल विश्वविद्यालय हमला: अफगानिस्तान में राष्ट्रीय शोक दिवस की घोषणा

इस हमले में 22 लोगों की मौत हो गई है, जिनमें अधिकतर छात्र हैं। इसके अलावा 22 अन्य लोग घायल हो गए हैं, जिनमें से कुछ ही हालत गंभीर है।

तालिबान ने एक बयान में कहा है कि इस हमले में उसका हाथ नहीं है।

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इस्लामिक स्टेट ने पिछले महीने भी राजधानी के शिया बहुल दश्त-ए-बार्ची के एक शिक्षण केंद्र में आत्मघाती बम हमलावर भेजा था, जिसके हमले में 24 विद्यार्थियों की मौत हो गई थी और 100 से अधिक घायल हुए थे। अफगानिस्तान में इस्लामिक स्टेट से संबद्ध संगठन ने शिया मुसलमानों के खिलाफ युद्ध का ऐलान कर रखा है।

प्रदर्शनकारियों का एक छोटा समूह मंगलवार को काबुल विश्वविद्यालय के बाहर एकत्र हुआ और उसने संघर्षविराम की मांग की। उसने सरकार से अपील की कि वह शत्रुता के स्थायी रूप से समाप्त होने की घोषणा तक शांति वार्ताओं से पीछे हट जाए। कुछ लोगों ने पोस्टर थाम रखे थे, जिन पर लिखा था, ‘‘आप हमारी हत्या क्यों कर रहे हैं?’’

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यह हमला ऐसे समय में हुआ है, जब तालिबान और अफगान सरकार के बीच अमेरिका की मध्यस्थता में शांति वार्ता जारी है।

अमेरिका के शांति दूत जलमय खलीलजाद ने मंगलवार को ट्वीट करके हमले की निंदा की और चेतावनी दी, ‘‘यह नृशंस हमला सरकार और तालिबान के लिए एक दूसरे के खिलाफ अंक कमाने का अवसर नहीं है। एक साझा शत्रु हमारे सामने है।’’

पीड़ितों के परिजनों ने सरकार से सुरक्षा इंतजाम में चूक संबंधी जांच करने की मांग की है।

उल्लेखनीय है कि अफगानिस्तान के काबुल विश्वविद्यालय पर सोमवार को बंदूकधारियों ने धावा बोल दिया था, जिसके बाद सुरक्षाबलों के साथ कई घंटे तक उनकी मुठभेड़ चली, जिसमें कई लोग हताहत हो गए। विश्वविद्यालय में पुस्तक प्रदर्शनी लगी थी जिसमें अफगानिस्तान में ईरान के राजदूत भी पहुंचे थे।

एपी

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