समूह के प्रवक्ता इस्माईल वाग ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि नवगठित ‘नेशनल कमेटी फ़ॉर द साल्वेशन ऑफ़ द पीपुल’ नागरिक शासन बहाली की अवधि और संरचना के संबंध में राजनीतिक पार्टियों और नागरिक संस्थाओं से मुलाकात करेगी।
असीमी गोइता ने खुद को उस जुंता (सैन्य नेताओं की समिति) का अध्यक्ष घोषित किया जिसने देश के लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित राष्ट्रपति इब्राहिम बुबाकर कीता को इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया।
गौरतलब है कि विद्रोही सैनिकों ने मंगलवार को राष्ट्रपति आवास का घेराव कर उन्हें बंधक बना लिया था। इसके बाद कीता ने राष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था।
वाग ने कहा, ‘‘देश की स्थिति का विश्लेषण करने के बाद राष्ट्रपति ने अपने आप इस्तीफा दे दिया।’’
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गोइता ने कहा था, ''हमने माली की भलाई के लिये तख्तापलट किया है। माली सामाजिक-राजनीतिक और सुरक्षा संकट से गुजर रहा है। अब गलतियों की कोई गुंजाइश नहीं बची है।''
एपी
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