विदेश की खबरें | जॉनसन ने हांगकांग के 30 लाख नागरिकों के लिए वीजा योजना की पुष्टि की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने बुधवार को कहा कि ब्रिटेन हांगकांग के लगभग 30 लाख नागरिकों की मदद के लिए अपना दरवाजा खोलने के लिए तैयार है।
हांगकांग, तीन जून ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने बुधवार को कहा कि ब्रिटेन हांगकांग के लगभग 30 लाख नागरिकों की मदद के लिए अपना दरवाजा खोलने के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा कि अगर चीन ने विवादास्पद राष्ट्रीय सुरक्षा कानून को वापस नहीं लिया तो हांगकांग के 30 लाख लोगों को ब्रिटेन की नागरिकता देने के लिए देश की वीजा प्रणाली में ‘‘सबसे बड़ा बदलाव’’ करने की योजना है।
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‘द टाइम्स’ में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने लिखा कि यह पेशकश तभी की जाएगी जब चीन नये कानून को पारित करता है जिसमें ब्रिटेन के इस पूर्व उपनिवेश में पारंपरिक स्वतंत्रता खत्म होने का खतरा है।
हांगकांग के करीब साढ़े तीन लाख लोगों के पास ब्रिटिश राष्ट्रीय (समुद्रपारीय) पासपोर्ट है और 25 लाख लोग उसके लिए आवेदन करने योग्य हैं। वर्तमान में बीएनओ पासपोर्ट धारक छह महीने तक बिना वीजा के ब्रिटेन की यात्रा कर सकते हैं।
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जॉनसन ने लिखा, ‘‘अगर चीन ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लागू किया तो ब्रिटेन की सरकार आव्रजन नियमों को बदल देगी और ऐसे पासपोर्ट धारकों को हांगकांग से 12 महीने के लिए ब्रिटेन आने की अनुमति देगी और आव्रजन अधिकार देगी जिसमें काम करने का अधिकार शामिल होगा। इससे उन्हें नागरिकता हासिल करने का रास्ता मिल जाएगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इससे हमारे इतिहास में वीजा प्रणाली में सबसे बड़ा बदलाव होगा। अगर यह आवश्यक हुआ तो ब्रिटेन की सरकार यह कदम उठाएगी और इसे जानबूझकर करेगी।’’
ब्रिटेन के विदेश मंत्री डोमोनिक राब ने मंगलवार को यह पेशकश हाउस ऑफ कॉमंस में रखी थी।
इस बीच, शहर की नेता कैरी लैम राष्ट्रीय सुरक्षा कानून को लेकर होने वाली बैठकों में भाग लेने के लिए बीजिंग पहुंच गई हैं।
हांगकांग के एक समाचार पत्र में ऑनलाइन प्रकाशित एक कॉलम में जॉनसन ने कहा है कि सुरक्षा कानून हांगकांग में स्वतंत्रता को बाधित करेगा और 1997 में पूर्व ब्रिटिश उपनिवेश हांगकांग को वापस लेने के लिए चीन का ब्रिटेन के साथ हुए समझौते में रखे गए शर्तों का उल्लंघन होगा।
गौरतलब है कि हांगकांग को सौंपने के लिए ब्रिटेन और चीन के बीच समझौता हुआ था। जिसके तहत यह शर्त रखी गई थी कि हांगकांग एक विशेष प्रशासनिक क्षेत्र होगा और उसकी स्वायत्तता पहले की तरह ही बरकरार रहेगी और भविष्य में उसके साथ कोई छेडछाड़ नहीं की जाएगी, लेकिन चीन पिछले कई वर्षों से हांगकांग के अंदरूनी मामलों में लगातार दखल देता रहा है और उसे पूरी तरह से अपने नियंत्रण में लेने का प्रयास करता रहा है और लगातार लोगों के अधिकारों को कुचलने की कोशिश होती रही है।
जॉनसन ने ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ में लिखा है, ‘‘हांगकांग के बहुत सारे लोगों को अपने जीवन को लेकर डर लग रहा है, जो खतरे में है, जबकि चीन ने लोगों के जीवन की रक्षा और उनके अधिकार को बनाए रखने का संकल्प लिया था।’’
उन्होंने कहा कि अगर चीन उनके डर को सही ठहराने के लिए आगे बढ़ता है, तो ब्रिटेन चुप नहीं बैठेगा।
चीन ने इस महीने की शुरुआत में घोषणा की कि वह हांगकांग के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लागू करेगा।
इस कदम की समर्थक हांगकांग की नेता कैरी लैम बुधवार सुबह प्रस्तावित कानून पर केंद्र सरकार के अधिकारियों के साथ बैठक के लिए बीजिंग पहुंची।
विश्लेषकों का कहना है कि चीन इस महीने के अंत या अगस्त के अंत तक कानून लागू कर सकता है।
चीन की घोषणा के बाद से शहर में कई लोग अपने बीएनओ पासपोर्ट के लिए आवेदन करने या उसे नवीनीकृत करने की प्रक्रिया में लग गए हैं, जिससे शहर में डीएचएल कूरियर कार्यालयों में लंबी लाइनें लग गई हैं।
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