रांची, 11 नवंबर झारखंड में सैकड़ों शिक्षकों ने वेतनमान तय करने की मांग को लेकर शनिवार को राजधानी रांची में सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के केंद्रीय कार्यालय का घेराव किया।
झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटीईटी) उत्तीर्ण करने वाले इन शिक्षकों ने दावा किया कि परीक्षा में सफल होने के बावजूद उनका वेतनमान अभी तक तय नहीं हुआ है।
झारखंड राज्य टीईटी सफल अध्यापक समन्वय समिति के सदस्य सीमांत घोषाल ने कहा, ‘‘हमारी एकमात्र मांग टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले लगभग 13,000 शिक्षकों के लिए वेतनमान तय करना है।’’
सीमांत घोषाल ने दावा किया कि जून 2020 में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान इन शिक्षकों को वेतनमान प्रदान करने की अनुशंसा की गयी थी।
प्रदर्शनकारी शिक्षक ने कहा, ‘‘ सरकार ने हमारे मुद्दे पर महाधिवक्ता से भी सुझाव लिये थे। उन्होंने कहा कि जो पारा शिक्षक प्रशिक्षित हैं और टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके हैं, उन्हें वेतनमान दिया जा सकता है। ’’
उन्होंने कहा कि वे अपनी मांग को लेकर पिछले 81 दिनों से राजभवन के पास प्रदर्शन कर रहे हैं।
सीमांत घोषाल ने कहा, ‘‘ आज हमने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) कार्यालय का घेराव किया और इसके केंद्रीय महासचिव विनोद कुमार पांडे से मुलाकात की। उन्होंने स्वीकार किया कि हमारी मांग जायज है और हमें आश्वासन दिया कि वह इसे सरकार तक पहुंचाएंगे।’’
इन शिक्षकों ने धमकी दी कि अगर उनकी मांग पर उचित तरीके से विचार नहीं किया गया तो वे अपना विरोध प्रदर्शन तेज करेंगे और 15 नवंबर को राज्य के स्थापना दिवस के उत्सव के दौरान आंदोलन कर सकते हैं।
झामुमो के केंद्रीय महासचिव विनोद कुमार पांडे ने कहा कि टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले पारा शिक्षक वेतनमान तय करने की मांग के समर्थन में उनके पास आये थे।
विनोद कुमार पांडे ने कहा, ‘‘ वे पिछले कई दिनों से राजभवन के पास धरने पर बैठे हैं। मैंने उनकी बात गंभीरता से सुनी। मैंने उन्हें आश्वासन दिया है कि मैं उनकी मांग सरकार तक पहुंचाऊंगा और उचित कार्रवाई का अनुरोध करूंगा। मुझे उम्मीद है कि सरकार उनके पक्ष में कार्रवाई करेगी।’’
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