धनबाद (झारखंड), नौ जनवरी बाघमारा विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के तीन बार के विधायक धुलू महतो ने सोमवार को यहां एक अदालत में आत्मसमर्पण किया जिसने उन्हें पुलिस हिरासत से एक व्यक्ति को जबरन आजाद करने के 10 साल एक पुराने मामले में न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
बचाव पक्ष के वकील ललन प्रसाद ने संवाददाताओं से कहा कि महतो वकीलों की हड़ताल के कारण उपसंभागीय न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिषेक श्रीवास्तव की अदालत में अकेले पेश हुए।
झारखंड उच्च न्यायालय ने पिछले महीने उन्हें एक महीने (10 जनवरी तक) में निचली अदालत में आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया था।
विशेष अदालत न्यायाधीश अखिलेश कुमार ने विधायक और 10 अन्य की अपील पर 10 अगस्त को सुनवाई पूरी की थी।
धनबाद की विशेष सांसद/विधायक अदालत ने इस मामले में विधायक एवं चार अन्य को निचली अदालत से सुनायी गयी डेढ साल की कैद की सजा बरकरार रखी थी।
निचली अदालत ने नौ अक्टूबर, 2019 को महतो एवं चार अन्य को सरकारी सेवकों को कामकाज में बाधा डालने तथा जबरन वसूली के आरोप में गिरफ्तार किये गये व्यक्ति को जबरन पुलिस हिरासत से छुड़ाने को दोषी ठहराया था।
विधायक के वकीलों ने इस आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी।
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