नयी दिल्ली, 19 अक्टूबर जापान की ‘जापान इंटरनेशनल को-आपरेशन एजेंसी (जीका) और भारतीय रेल मंत्रालय के बीच रेलवे ट्रैक के रखरखाव और रेल वेल्डिंग के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाया जायेगा। इसके तहत जापान की जीका सांकेतिक आधार वाले तौर तरीकों और अल्ट्रसोनिक डिटेक्शन क्षेत्र की अपनी विशेषज्ञता उपलब्ध करायेगी। जीका ने सोमवार को जारी एक वक्तव्य में यह जानकारी दी है।
जीका और रेलवे ने रेलवे सुरक्षा के क्षेत्र में क्षमता के विकास की तकनीकी सहयोग परियोजनाओं पर बैठक की और इसमें क्षेत्र में अब तक हुई प्रगति और भविष्य की गतिविधयों को लेकर विचा विमर्श किया गया।
इन परियोजनाओं पर भारत और जापान मिलकर काम कर रहे हैं। परियोजना दिसंबर 2018 में शुरू हुई और इससे उम्मीद की जा रही है कि रेलवे के ‘डेडीकेटिड फ्रेट कोरिडोर कार्पोरेशन आफ इंडिया लिमिटेड और कमीशन आफ रेलवे सेफ्टी की क्षमता का विस्तार होगा।
कोविड- 19 महामारी के प्रसार से पहले पिछले साल जीका ने भारतीय अधिकारियों को ट्रेक और रोलिंग स्टाक के रखरखाव, रेल वेल्डिंग और दुर्घटना जांच को लेकर भारतीय अधिकारियों को प्रशिक्षण के लिये आमंत्रित किया था। जीका भारत में महत्वकांक्षी रेलवे परियोजना ‘बुलेट ट्रेन’ का वित्तपोषण कर रही है।
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बैठक की उत्तरी रेलवे के महाप्रबंधक राजीव चौधरी ने सह- अध्यक्षता की। चौधरी टीसी परियोजना के परियोजना निदेशक भी हैं। उनके साथ जीका के वरिष्ठ प्रतिनिधि शिंशुके तथा अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
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