विदेश की खबरें | ब्रह्मांड की उत्पत्ति का पता लगाने के लिए जापान ने एक्स-रे दूरबीन ले जाना वाला रॉकेट किया प्रक्षेपित
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

दक्षिण-पश्चिमी जापान के तनेगाशिमा अंतरिक्ष केंद्र से ‘एचआईआई-ए’ रॉकेट के प्रक्षेपण का जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी (जेएएक्सए) ने सीधा प्रसारण किया।

रॉकेट के प्रक्षेपण और प्रशांत क्षेत्र पर उड़ान भरने के बाद जेएएक्सए के प्रवक्ता ने कहा, ''हमने रॉकेट प्रक्षेपित कर दिया।''

प्रक्षेपण के 13 मिनट बाद रॉकेट ने एक्स-रे इमेजिंग और स्पेक्ट्रोस्कोपी मिशन या एक्सआरआईएसएम नाम के एक उपग्रह को पृथ्वी की कक्षा में स्थापित किया, जो गति मापेगा और आकाशगंगाओं के बीच की संरचना का पता लगाएगा।

जेएएक्सए ने कहा कि इससे प्राप्त होने वाली जानकारी से यह जानने में मदद मिलेगी कि आकाशीय पिंड कैसे बनते हैं और उम्मीद है कि हम उस राज पर से भी पर्दा उठा सकेंगे कि कैसे ब्रह्मांड की उत्पति हुई।

नासा के सहयोग से जेएएक्सए विभिन्न तरंग दैर्ध्य पर प्रकाश की शक्ति, अंतरिक्ष में चीजों के तापमान और उनके आकार व चमक का पता लगाएगा।

अंतरिक्ष एजेंसी के अनुसार नये जापानी रॉकेट में 'स्मार्ट लैंडर फॉर इन्वेस्टिगेटिंग मून' अथवा स्लिम भी भेजा गया है। इसे चंद्रमा पर उतरने वाला एक हल्का लैंडर भी कह सकते हैं। स्मार्ट लैंडर को संभवतः अगले साल की शुरुआत में चांद की सतह पर उतारने का प्रयास किया जाएगा।

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