जम्मू, 19 सितंबर कांग्रेस की जम्मू कश्मीर इकाई ने मंगलवार को राजौरी और पुंछ में ‘‘बढ़ते आतंकवाद’’ पर चिंता व्यक्त करते हुए दोनों सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा जांच चौकियां स्थापित करने और ‘विलेज डिफेंस गार्ड’ (वीडीजी) को मजबूत करने की मांग की।
नियंत्रण रेखा (एलओसी) और दोनों जिलों के अन्य क्षेत्रों में इस वर्ष मुठभेड़ों में कम से कम 26 आतंकवादी मारे गए और 11 सुरक्षाकर्मियों की जान चली गई। वहीं, आतंकवादियों द्वारा लक्षित हमलों में सात नागरिक भी मारे गए।
कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रमन भल्ला ने कहा, ''हम आतंकवादियों की हाल ही में हुई घुसपैठ से राजौरी और पुंछ जिलों में आतंकवाद संबंधी घटनाओं में वृद्धि से चिंतित हैं। उपराज्यपाल के नेतृत्व वाले प्रशासन को सतर्कता बढ़ानी चाहिए, सुरक्षाबलों को तैनात करना चाहिए और सभी दूरदराज एवं असुरक्षित क्षेत्रों में ग्राम रक्षा तंत्र को मजबूत करना चाहिए।''
पूर्व मंत्री शब्बीर अहमद खान और विधान परिषद के पूर्व सदस्य रविंदर शर्मा के साथ भल्ला ने यहां संवाददाताओं से कहा कि हाल ही में हुई मुठभेड़ के बाद राजौरी में कालाकोट के नरला और सजली इलाके के निवासी डरे हुए हैं।
नरला गांव में 12 सितंबर को मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए थे और एक सैनिक शहीद हो गया था। इसमें चार सुरक्षाकर्मी भी घायल हुए थे।
इस मुठभेड़ में सेना की स्वान इकाई की छह वर्षीय सदस्य केंट की भी जान चली गई थी।
भल्ला ने एक जनवरी को राजौरी गांव में आतंकवादियों द्वारा की गई सात नागरिकों की हत्या का जिक्र करते हुए कहा, "स्थानीय निवासी प्रेमलाल के दो आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में समय पर सूचना देने से नरला में धांगरी जैसा हमला टल गया।"
उन्होंने कहा, ''लाल तीन घंटे से अधिक समय तक आतंकवादियों की कैद में था और उन्होंने लाल के भागने से पहले उसका फोन नंबर दर्ज कर लिया था। लोगों को सेना की चौकी और पर्याप्त संख्या में वीडीजी सदस्यों के अभाव में आतंकवादियों की जवाबी कार्रवाई का डर है।''
भल्ला ने कहा कि कांग्रेस ने पहले ही उपराज्यपाल मनोज सिन्हा को एक पत्र भेजकर दोनों सीमावर्ती जिलों के सभी दूरदराज और असुरक्षित इलाकों में ग्राम रक्षा तंत्र को मजबूत करने का आग्रह किया है।
प्रदेश कांग्रेस समिति के प्रमुख प्रवक्ता शर्मा ने कहा कि उन्होंने कुछ दिन पहले कालाकोट में गांवों का दौरा किया था और वहां स्थानीय लोगों के मन में भय और असुरक्षा दिखी।
शर्मा ने बताया कि उन्हें इलाके में सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं दिखा। उन्होंने कहा, "सरकार का सुरक्षाबलों की तैनाती और अत्याधुनिक हथियारों के साथ ग्राम रक्षा तंत्र को मजबूत करने का दावा जमीन पर दिखाई नहीं दे रहा।"
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